जालना, 4 नवंबर 2026 — दिवाली में अब कुछ ही दिन बचे हैं और जालना शहर समेत जिले के बाजार मिट्टी के दीयों और सजावट के सामान से सज गए हैं। लेकिन इस बार ग्राहकों को दीयों के लिए थोड़ी ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। मजदूरी, मिट्टी, ईंधन और ढुलाई का खर्च बढ़ने से दीये के भाव इस साल करीब 10 प्रतिशत बढ़ गए हैं।

बाजार में इस समय सादा दीया करीब 30 रुपये दर्जन मिल रहा है, जबकि 30 रुपये में मिट्टी के 5 छोटे दीपक दिए जा रहे हैं। समय के साथ पारंपरिक दीयों का रूप भी बदल रहा है। रंगीन, नक्काशीदार और अलग-अलग आकार वाले दीयों को ग्राहक ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
जालना जिले में दीये के भाव (प्रति दर्जन, औसत)
| प्रकार | थोक भाव | खुदरा भाव |
|---|---|---|
| सादा दीया | ₹30 | ₹40 |
| बड़ा नक्काशीदार | ₹50 | ₹60 |
| रंगीन व नक्काशीदार | ₹60 | ₹70 |
बनारस और गुजरात से आ रहे तैयार दीये
जालना के बाजार में बनारस और गुजरात से बने-बनाए दीये बड़ी मात्रा में आ रहे हैं। थोक व्यापारी बाहर से माल मंगा रहे हैं, जिससे स्थानीय कुम्हारों के सामने मुकाबला बढ़ गया है। फैक्ट्रियों में बड़ी मात्रा में बनने वाले दीये आकार, रंग और डिजाइन में आकर्षक होते हैं और कम समय में ज्यादा माल मिलने से व्यापारियों को सस्ते भी पड़ते हैं।
बिजली की झालरें और चीनी सजावटी सामान भी बाजार में हैं, फिर भी पूजा के लिए ग्राहक मिट्टी के दीयों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। लाल, पीले, नीले और सुनहरे रंग की नक्काशी वाले दीयों की मांग ज्यादा है। मोर और फूलों के डिजाइन वाले दीये भी ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं।
ग्राहकों का रुझान आज भी मिट्टी के दीयों की ओर है, लेकिन बाहर से आने वाले तैयार दीयों से मुकाबला बढ़ा है। बढ़ते खर्च के कारण स्थानीय कारीगरों के लिए उम्मीद के मुताबिक मुनाफा कमाना मुश्किल हो गया है।
महेंद्र गेंदे, दीया विक्रेता
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सूखे की मार से कुम्हारों का धंधा भी प्रभावित
दीये बनाने के लिए मुख्य रूप से चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल होता है। मिट्टी को गूंथकर आकार दिया जाता है, धूप में सुखाया जाता है और फिर भट्ठी में पकाकर मजबूत बनाया जाता है।
- मिट्टी, ईंधन और मजदूरी का खर्च बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ी है।
- सूखे के कारण स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता घटी है और कुम्हारों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ी हैं।
- ग्राहक स्थानीय कारीगरों से दीये खरीदें तो पारंपरिक धंधे को सहारा मिलेगा और कुम्हारों के घरों में भी दिवाली रोशन होगी।
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न्यूज़ नेशन ऑनलाइन डेस्क, जालना
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