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जालना कलेक्टर कार्यालय पर भूमिहीन मजदूरों का मोर्चा, हर परिवार को 30 हजार सूखा राहत की मांग

जालना कलेक्टर कार्यालय के सामने लाल झंडों के साथ भूमिहीन खेत मजदूरों का मोर्चा
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना. महाराष्ट्र के भूमिहीन खेत मजदूरों, ग्रामीण मजदूरों और भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और उनके हक दिलाने की मांग को लेकर बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जालना कलेक्टर (जिलाधिकारी) कार्यालय पर भूमिहीन मजदूरों का बड़ा मोर्चा निकाला गया. लाल झंडे और मांगों के बैनर लेकर पहुंचे मजदूरों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया. मोर्चे की मुख्य मांग है कि सूखे से प्रभावित हर भूमिहीन परिवार को 30 हजार रुपये की राहत और हर साल 24 हजार रुपये ‘भूमिहीन सम्मान धन’ दिया जाए.

जालना कलेक्टर कार्यालय के सामने लाल झंडों के साथ भूमिहीन खेत मजदूरों का मोर्चा
जालना कलेक्टर कार्यालय पर भूमिहीन खेत मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों का मोर्चा

यह मोर्चा ‘महाराष्ट्र राज्य शेतमजूर व इतर ग्रामीण मजूर युनियन (लाल बावटा)’ यानी खेत मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के संगठन की जालना जिला समिति की ओर से निकाला गया. संगठन की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार घर, जमीन, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा भूमिहीन परिवारों का हक है.

भूमिहीन मजदूरों की परेशानी क्या है

प्रेस नोट के अनुसार महाराष्ट्र में हजारों भूमिहीन परिवारों के पास खेती की अपनी जमीन नहीं है. सूखे के कारण हाथ में काम नहीं है, पीने के पानी की किल्लत है, रोजगार का कोई साधन नहीं है और परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है. भूमिहीन युवाओं को रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है.

संगठन का कहना है कि सरकार किसानों और दूसरे वर्गों के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन भूमिहीन खेत मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है. इसलिए सूखे में भूमिहीन परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद और स्थायी सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने की मांग की गई.

भूमिहीन मजदूरों के मोर्चे की 10 प्रमुख मांगें

  1. सूखे से रोजगार और आमदनी गंवाने वाले हर भूमिहीन परिवार को 30,000 रुपये सूखा श्रम नुकसान भरपाई दी जाए.
  2. हर भूमिहीन परिवार को हर साल 24,000 रुपये ‘भूमिहीन सम्मान धन’ दिया जाए.
  3. भूमिहीन परिवारों के लिए अलग घरकुल (आवास) योजना शुरू कर घर बनाने के लिए 7 लाख रुपये अनुदान दिया जाए.
  4. पात्र भूमिहीन परिवारों को अंत्योदय अन्न योजना में शामिल कर राशन पर 14 जरूरी वस्तुएं दी जाएं.
  5. रोजगार गारंटी योजना के तहत हर भूमिहीन परिवार को साल में 200 दिन काम और 1,000 रुपये रोज मजदूरी दी जाए.
  6. भूमिहीन युवाओं को स्वरोजगार और कारोबार शुरू करने के लिए 15 लाख रुपये अनुदान दिया जाए.
  7. सरकारी, देवस्थान (मंदिर ट्रस्ट) और दूसरी उपलब्ध जमीन भूमिहीन परिवारों को खेती के लिए दी जाए.
  8. कई वर्षों से जोती जा रही जमीनों का सर्वे कर पात्र भूमिहीन परिवारों के नाम जमीन की जाए.
  9. भूमिहीन खेत मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के लिए अलग कल्याण बोर्ड, योजनाएं और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाए.
  10. भूमिहीन युवाओं का पलायन रोकने के लिए गांव स्तर पर रोजगार, कारोबार और रोजी-रोटी के मौके उपलब्ध कराए जाएं.

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जालना में भूमिहीन मजदूरों का मोर्चा बैनर और लाल झंडे लेकर कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ता हुआ
मांगों के बैनर और लाल झंडे लेकर कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ते मोर्चे में शामिल मजदूर

मांगें नहीं मानीं तो राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने कहा कि भूमिहीन खेत मजदूर गांव की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है. खेती से लेकर निर्माण कार्य और हर तरह की मेहनत वाले कामों में भूमिहीन मजदूरों का बड़ा योगदान है, लेकिन उनके लिए न पक्का रोजगार है, न आर्थिक सुरक्षा, न अपना घर और न खेती के लिए जमीन.

प्रेस नोट में कहा गया है कि सरकार भूमिहीन परिवारों के सवालों को सिर्फ दया की नजर से न देखे, बल्कि संवैधानिक और कानूनी हक के नजरिए से उन्हें न्याय दे. मांगों पर तुरंत सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो भूमिहीन खेत मजदूर और ग्रामीण मजदूर राज्यभर में तीव्र आंदोलन करेंगे, ऐसी चेतावनी मोर्चे में दी गई.

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मोर्चे में ये लोग रहे शामिल

मोर्चे में संगठन की जालना जिला अध्यक्ष कॉमरेड सरिता शर्मा के साथ मारुति खंडारे, भगवान कोले, रवि भदरगे, शेख फरीदा, मुक्ता शिंदे, शेख महमूद, श्रीधर शिंदे, संजू सोलाट, नंदू खरात, अनीस शेख, महादेव बरकुले, दिगंबर मोरे, आरती भारसाकले, मनीषा वाहुले, प्रल्हाद ईक्कर, संदीप आढागले और भगवान गडदे समेत बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए.

रोजगार गारंटी योजना से जुड़ी आधिकारिक जानकारी मनरेगा की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

जालना की और खबरें पढ़ें: लाल बावटा | भूमिहीन खेत मजदूर

रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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