जालना: दलित, आदिवासी, भूमिहीन कास्तकार और वंचित समाज के लंबित मुद्दों को लेकर सोमवार, 28 सितंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर जनआक्रोश मोर्चा निकाला गया। शिवसेना दलित आघाड़ी की ओर से आयोजित इस मोर्चे में बड़ी संख्या में भूमिहीन किसान और महिलाएं शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े फलक लेकर शासन की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। उनकी प्रमुख मांगों में वर्षों से जमीन पर खेती कर रहे भूमिहीन कास्तकारों को उनके अधिकार का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना और सातबारा उतारे देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना शामिल था।
मोर्चे में सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों और खेत मजदूरों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता तथा रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारिश की कमी के कारण ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है और प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए।
भूमि अधिकार से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों की जांच और पात्रता के अनुसार कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इस तरह के मामलों में स्थानीय प्रशासन के निर्णय और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
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स्रोत संदर्भ: इस खबर के तथ्य 29 सितंबर 2026 को प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट के आधार पर संकलित किए गए हैं। जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं जालना जिला प्रशासन की वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं।
