जालना में आवारा कुत्तों के खिलाफ जनआक्रोश: छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर मौन प्रदर्शन, नागरिकों ने जताया रोष
जालना शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ महीनों में इन कुत्तों के हमलों से दो मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि सुबह की सैर पर निकलने वाले नागरिक भी अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
शहर में व्याप्त इस संकट के बावजूद महानगरपालिका प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को वर्षों से नजरअंदाज किया है और अब केवल ठेकेदार एजेंसी के भरोसे पर काम चल रहा है।
छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर मौन प्रदर्शन
इसी पृष्ठभूमि में 24 अक्टूबर को शहर के सामाजिक कार्यकर्ता और सेवाभावी संस्थाओं के पदाधिकारी एकत्र हुए और छत्रपति शिवाजी महाराज पुतला चौक पर मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियाँ लेकर “शहर भयमुक्त बनाओ”, “कुत्तों का नसबंदी अभियान तेज करो” और “नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” जैसे संदेश दिए।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने शांतिपूर्वक अपनी नाराजगी व्यक्त की। कई नागरिकों ने कहा कि यह समस्या अब जनसुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है और प्रशासन को तत्काल प्रभाव से व्यापक कार्यवाही करनी चाहिए।
“शहर में हर दिन नए हमले हो रहे हैं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में है। प्रशासन अब और देरी न करे।” — प्रदर्शन में शामिल नागरिक
खुले में मांस बिक्री पर भी सवाल
नागरिकों का कहना है कि खुले में मांस बेचने वाली अनधिकृत दुकानों के कारण आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन दुकानों पर महापालिका की कार्रवाई केवल दिखावे की साबित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ऐसी दुकानों पर सख्त और नियमित कार्रवाई की जाए ताकि समस्या की जड़ पर नियंत्रण पाया जा सके।
महानगरपालिका की पहल: यशवंतनगर में 15 कुत्तों की नसबंदी
वहीं, महानगरपालिका ने दावा किया है कि वह इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। शुक्रवार को अंबड रोड स्थित यशवंतनगर क्षेत्र में 15 आवारा कुत्तों की नसबंदी कराई गई। स्वच्छता विभाग प्रमुख कैलाश चांदने ने बताया कि पकड़े गए कुत्तों को फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास बने अस्थायी शेड में रखा गया, जहां नसबंदी के बाद उन्हें छोड़ा गया।
महानगरपालिका ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में नसबंदी अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि शहर को आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्त किया जा सके और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
जालना के नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल उम्मीद है कि महानगरपालिका जल्द ही स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
रिपोर्टिंग: प्रतिनिधि, जालना

- Jalna Water Crisis: Why Verified Reservoir Levels and Village Tanker Data MatterA guide to understanding Jalna water storage, tanker figures and the official records residents should consult.
- Free Fire India Launch Date: Official Confirmation Versus Online RumoursHow to verify Free Fire India release-date claims and avoid fake download links.
- Microsoft Voluntary Buyouts: What Employees Should Know About Eligibility and SeveranceExplainer on voluntary buyouts, eligibility, severance and why a buyout offer is not the same as a layoff.
- Ballon d’Or 2026: विजेताओं की खबर पढ़ने से पहले आधिकारिक सूची कहां देखें?Ballon d’Or 2026 के विजेताओं, पुरस्कार श्रेणियों और आधिकारिक परिणामों की पुष्टि कैसे करें.
- Hyundai Bayon भारत में लॉन्च: कीमत, फीचर्स और खरीदने से पहले क्या जांचें?नई कार खरीदने वालों के लिए Hyundai Bayon की कीमत, वेरिएंट, सुरक्षा और आधिकारिक जानकारी जांचने की जरूरी गाइड.
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
आपके लिए सुझाव
Rashmi Bagdi
Website: https://newsnationonline.com
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.
















