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साइबर फ्रॉड की शिकायत कैसे करें? 1930 और cybercrime.gov.in गाइड

साइबर फ्रॉड शिकायत 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in गाइड हेडलाइन कार्ड
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो गई है और खाते से पैसा कट गया है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शिकायत जितनी जल्दी होगी, बैंक और पुलिस के लिए ठग के खाते में पैसा रोकने (होल्ड करने) की संभावना उतनी ज्यादा रहेगी। साथ ही अपने बैंक को भी तुरंत सूचना दें।

नीचे हम पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में बता रहे हैं: पहले घंटे में क्या करें, ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें, कौन-से दस्तावेज तैयार रखें और संदिग्ध कॉल या मैसेज की शिकायत कहां करें।

1930 हेल्पलाइन क्या है और कैसे काम करती है?

1930 केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के तहत चलने वाली टोल-फ्री हेल्पलाइन है। यह 2021 में शुरू किए गए सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) से जुड़ी है। आपकी शिकायत दर्ज होते ही उसकी जानकारी संबंधित बैंकों, वॉलेट और पेमेंट कंपनियों तक पहुंचती है, ताकि ठगी का पैसा आगे ट्रांसफर होने से पहले रोका जा सके।

आकाशवाणी (AIR) की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने राज्यसभा में बताया था कि इस सिस्टम के जरिए 23 लाख से ज्यादा शिकायतों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बचाई गई। यानी समय पर शिकायत सच में फर्क डालती है।

ठगी होते ही पहले घंटे में क्या करें

  1. 1930 पर तुरंत कॉल करें। ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, रकम और UTR/ट्रांजैक्शन ID बताएं। मिलने वाला शिकायत (acknowledgement) नंबर लिख लें।
  2. अपने बैंक को सूचित करें। बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर (कार्ड के पीछे या बैंक की वेबसाइट पर लिखा) पर कॉल करें और कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएं।
  3. पासवर्ड और UPI PIN बदलें। अगर आपने ठग को OTP, PIN या स्क्रीन शेयरिंग ऐप की अनुमति दी थी, तो वह ऐप तुरंत हटा दें।
  4. सबूत सुरक्षित रखें। कॉल लॉग, SMS, WhatsApp चैट, स्क्रीनशॉट और बैंक स्टेटमेंट डिलीट न करें।
  5. 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन शिकायत पूरी करें। 1930 पर कॉल के बाद cybercrime.gov.in पर पूरा विवरण दर्ज करें।

cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें

  1. ब्राउजर में खुद टाइप करके cybercrime.gov.in खोलें। किसी मैसेज में आए लिंक पर भरोसा न करें।
  2. “File a Complaint” या “Report Cyber Crime” विकल्प चुनें और वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) श्रेणी चुनें।
  3. अपने मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन/रजिस्ट्रेशन करें।
  4. घटना का विवरण, बैंक या वॉलेट का नाम, ट्रांजैक्शन ID, रकम और तारीख भरें।
  5. स्क्रीनशॉट और बैंक स्टेटमेंट अपलोड करें, फिर शिकायत सबमिट कर acknowledgement नंबर सुरक्षित रखें।

शिकायत के बाद आप उसी पोर्टल पर स्टेटस देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिले के साइबर पुलिस सेल से भी संपर्क करें। ध्यान रखें, पुलिस या बैंक कभी भी “पैसा वापस दिलाने” के नाम पर फीस नहीं मांगते। ऐसी कॉल भी ठगी हो सकती है।

कौन-सी शिकायत कहां करें: एक नजर में

स्थितिकहां शिकायत करें
खाते से पैसा कट गया (UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग)तुरंत 1930 और cybercrime.gov.in, साथ में अपना बैंक
संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp संदेश (पैसा नहीं गया)संचार साथी पोर्टल पर “चक्षु” सुविधा (sancharsaathi.gov.in)
सोशल मीडिया अकाउंट हैक, ऑनलाइन उत्पीड़नcybercrime.gov.in और संबंधित प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट सुविधा
“डिजिटल अरेस्ट” या पुलिस/CBI बनकर धमकीकॉल काटें, 1930 पर सूचना दें; असली एजेंसियां वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करतीं

संचार साथी पोर्टल के अनुसार, अगर आपने पैसा गंवा दिया है तो “चक्षु” के बजाय सीधे 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। UPI से जुड़ी ठगी के आम तरीकों और बचाव के लिए हमारा लेख UPI पेमेंट में धोखाधड़ी से कैसे बचें पढ़ें। नकली हेल्पलाइन नंबरों की पहचान के लिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर पहचानने की गाइड भी देखें।

शिकायत से पहले ये जानकारी तैयार रखें

  • आपका मोबाइल नंबर, ईमेल और पहचान पत्र
  • बैंक का नाम, खाते के आखिरी अंक और ट्रांजैक्शन ID/UTR नंबर
  • ठगी की तारीख, समय और रकम
  • ठग का फोन नंबर, UPI ID, वेबसाइट लिंक या सोशल मीडिया प्रोफाइल
  • चैट और SMS के स्क्रीनशॉट, बैंक स्टेटमेंट

ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित रखने के और उपाय हमारे लेख ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के सुरक्षित तरीके में दिए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 1930 पर कॉल करने से पैसा वापस मिल जाता है?

हर मामले में गारंटी नहीं होती। लेकिन जल्दी शिकायत होने पर ठग के खाते में रकम होल्ड होने की संभावना बढ़ जाती है। होल्ड हुई रकम कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लौटाई जाती है।

क्या 1930 हेल्पलाइन मुफ्त है?

हां, यह टोल-फ्री नंबर है। शिकायत दर्ज करने के लिए कोई फीस नहीं लगती।

ठगी कई दिन पहले हुई थी, क्या अब भी शिकायत कर सकते हैं?

हां। देर से शिकायत करने पर पैसा रोकने की संभावना कम हो जाती है, लेकिन शिकायत दर्ज करना फिर भी जरूरी है ताकि जांच हो सके और ठग के नंबर या खाते पर कार्रवाई हो।

क्या cybercrime.gov.in पर शिकायत के बाद थाने जाना जरूरी है?

ऑनलाइन शिकायत संबंधित राज्य की पुलिस को भेजी जाती है। आगे की कार्रवाई या FIR के लिए पुलिस आपसे संपर्क कर सकती है, इसलिए दिया गया मोबाइल नंबर चालू रखें।


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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