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सीना नदीपात्र में सड़क निर्माण विवाद: नागरिकों का सवाल—”यह सड़क किसने बनाई?”

कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

Road construction dispute in Sina River basin: Citizens ask “Who built this road?”

*सामाजिक आंदोलन से सक्रिय हुआ प्रशासन
– कुंडलिका बचाओ, सीना बचाओ आंदोलन ने महानगरपालिका प्रशासन को हरकत में आने पर मजबूर किया.
– मामले की जांच कर नदीपात्र से मलबा हटाने का आश्वासन दिया गया.

जालना: जालना शहर की सीना नदी, जो शहर की जीवन रेखा मानी जाती है, हाल ही में एक बड़े विवाद का केंद्र बन गई है. इस नदी में 12 मीटर चौड़ी और लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का अवैध निर्माण हुआ है. यह निर्माण कार्य नदीपात्र में मलबा डालकर किया गया है. इसके विरोध में नागरिकों ने रविवार को कुंडलिका बचाओ, सीना बचाओ आंदोलन करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया.

*घटना का विवरण

जालना शहर की सीना नदी में अवैध रूप से 12 मीटर चौड़ी और एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों की शिकायत के बावजूद प्रशासन इस मामले को लगातार टाल रहा था. रविवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने “कुंडलिका बचाओ, सीना बचाओ” आंदोलन के तहत नदीपात्र पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद महानगरपालिका आयुक्त संतोष खांडेकर को मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेना पड़ा. उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और नदीपात्र से मलबा हटाने का आश्वासन दिया.

*जनभागीदारी और रोष

इस आंदोलन में उद्योगपति, व्यापारी, शिक्षक, डॉक्टर, समाजसेवी और पर्यावरण प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सीना नदी को अवैध अतिक्रमण से बचाना था. सामाजिक संगठनों ने पिछले डेढ़ दशक से स्वच्छता और पुनर्जीवन के लिए श्रमदान करते हुए पहले घाणेवाडी तालाब फिर कुंडलिका और सीना नदियों को संरक्षित करने का प्रयास किया है. इसके बावजूद कुछ स्वार्थी तत्वों ने नदीपात्र में मलबा डालकर सड़क बना दी, जिससे स्थानीय जनता में भारी रोष है.

*बिना अनुमति के निर्माण

नदीपात्र में बनाई गई सड़क का महानगरपालिका में कोई रिकॉर्ड नहीं है. यह सड़क 8 से 15 दिनों में बनाई गई, लेकिन इसे किसने और क्यों बनाया, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. स्थानीय नागरिकों ने इस मुद्दे को लेकर महानगरपालिका आयुक्त से जवाबदेही मांगी.

*प्रशासन का रुख और जांच का आश्वासन

महानगरपालिका आयुक्त संतोष खांडेकर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर यह स्पष्ट किया कि यह सड़क महानगरपालिका द्वारा नहीं बनाई गई है. उन्होंने मामले की गहन जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.

*सामाजिक संगठनों की मांग

सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी और विभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए नदीपात्र से मलबा हटाने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की.


जनता करोड़ों खर्च कर रही है, प्रशासन टालमटोल कर रहा है: सुनिल रायठठ्ठा

उद्योगपति और समाजसेवी सुनिल रायठठ्ठा ने रविवार को हाथ में बैनर लेकर सीना नदी में हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि जो कार्य प्रशासन का है, वह जालना में जन सहयोग के माध्यम से किया जा रहा है. इसके बावजूद प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय टालमटोल का रवैया अपना रहा है.रायठठ्ठा ने कहा, “नदी संपूर्ण मानवता के लिए मां का दर्जा रखती है. जालना की कुंडलिका और सीना नदियां हमारे लिए गंगा मैया के समान पवित्र हैं. इन नदियों के संरक्षण के लिए नागरिकों ने करोड़ों रुपये खर्च कर श्रमदान किया है, लेकिन स्वार्थी तत्वों द्वारा नदीपात्र में अतिक्रमण कर उसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है.”उन्होंने प्रशासन से मांग की कि न केवल गोल्डन जुबली स्कूल के पास, बल्कि पूरे शहर के नदी किनारों पर लागू लाल और हरे पट्टे वाले कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए. साथ ही, इन क्षेत्रों में हुए सभी अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाए.

नदियों का संरक्षण न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है. जालना शहर में सीना और कुंडलिका नदियों के संरक्षण के लिए हो रहे प्रयासों को इस प्रकार की गतिविधियों से ठेस पहुंच रही है. प्रशासन से अपेक्षा है कि वह न केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए.

*क्या रुकेगा सड़क निर्माण?
फिलहाल, सड़क निर्माण कार्य रोकने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन यह देखना बाकी है कि दोषियों पर कब तक और किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है.

*दस सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी

सीना कुंडलिका फाउंडेशन, समस्त महाजन ट्रस्ट, क्रेडाई जालना, सृष्टि फाउंडेशन, हंड्रेडरूपी सोशल क्लब, चला जानिए नदी को अभियान, संजीवनी फाउंडेशन, सहकार भारती, रेनील फाउंडेशन, ग्राहक संरक्षण मंच और वरिष्ठ नागरिक संगठन जैसी विभिन्न संस्थाओं के दो सौ सदस्य इस स्वच्छता श्रमदान और जनजागृति अभियान में शामिल हुए. इन सदस्यों ने जल्द ही विभागीय आयुक्त से मुलाकात कर नदी पर अतिक्रमण की जानकारी उन्हें देने का निर्णय लिया है, ऐसा सीना कुंडलिका फाउंडेशन के सचिव उदय शिंदे ने बताया है.

*’हम एक हैं तो नदी और शहर सुरक्षित है’

नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्वच्छता श्रमदान और जनजागृति अभियान में शामिल नागरिकों ने हाथों में बैनर लेकर विभिन्न नारे दिए.इनमें ‘हम एक हैं तो नदी और शहर सुरक्षित है’, ‘जल है तो कल है’, ‘सपना स्वच्छ नदियों का’, ‘नदी बचाओ जीवन बचाओ’, ‘सीना-कुंडलिका नदी, संरक्षण मेरी जिम्मेदारी’, ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ जालना’ जैसे नारों ने पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया.

*अवैध होर्डिंग्स हटाए गए

अभियान के दौरान क्षेत्र से आठ ट्रॉली प्लास्टिक, कचरा और मलबा इकट्ठा किया गया. साथ ही, इलाके के अवैध होर्डिंग्स भी हटाए गए. आगामी दो दिनों में नगर पालिका बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाएगी, ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है. ठंड की परवाह किए बिना सुबह सात बजे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में इस अभियान में शामिल हुए.


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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