चेन्नई/नई दिल्ली, 27 अक्टूबर. तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) को लेकर 23 अक्टूबर को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक विरोध सामने आया. DMK, कांग्रेस, TVK और वाम दलों सहित नौ पार्टियों ने बैठक से वॉकआउट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.
कौन-कौन से दल बैठक से बाहर निकले?
तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में 13 मान्यता प्राप्त दलों को आमंत्रित किया गया था. रिपोर्टों के अनुसार DMK, कांग्रेस, TVK, CPI, CPM, VCK, NTK, आम आदमी पार्टी और DMDK ने वॉकआउट किया. AIADMK, भाजपा और NPP बैठक में रहे, जबकि BSP का प्रतिनिधि मौजूद नहीं था.
मतदाता सूची पर क्या आपत्तियां थीं?
विरोधी दलों ने पहले हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और कथित त्रुटियों पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि पहले शिकायतों का समाधान किया जाए, उसके बाद अगली पुनरीक्षण प्रक्रिया आगे बढ़े. ये दलों के आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
AIADMK ने भी मांगी समीक्षा
बैठक में मौजूद AIADMK ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा और पहले तथा बाद की मतदाता संख्या सार्वजनिक करने की मांग की. पार्टी ने कहा कि मृतकों, स्थानांतरित मतदाताओं और दोहरे पंजीकरण के मामलों को अलग-अलग समझना जरूरी है.
SSR और SIR में क्या फर्क है?
SIR विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जबकि SSR विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण है. तमिलनाडु की बैठक आने वाली SSR प्रक्रिया पर केंद्रित थी, हालांकि विरोध का प्रमुख आधार पहले की SIR प्रक्रिया को लेकर उठी शिकायतें थीं.
स्रोत: The New Indian Express और South First.
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आधिकारिक जानकारी: भारत निर्वाचन आयोग.
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