मुंबई/जालना. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की ओर से सार्वजनिक की गई कथित 500 करोड़ रुपये के लेनदेन से संबंधित ऑडियो क्लिप की जांच के लिए मुंबई पुलिस ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है. 26 अक्टूबर के आदेश के अनुसार जांच का उद्देश्य आरोपों और रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पड़ताल करना है.
किसने बनाई जांच टीम?
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे के नेतृत्व में गठित दल में पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और बजरंग बनसोडे शामिल हैं. SIT रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करेगी, आवाजों की पहचान और कथित लेनदेन से जुड़े दावों की पड़ताल करेगी.
क्या है 500 करोड़ रुपये का विवाद?
22 अक्टूबर को सार्वजनिक रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर मराठा आरक्षण आंदोलन को प्रभावित करने के लिए बड़ी रकम के लेनदेन का दावा किया गया. मनोज जरांगे पाटील ने पैसा लेने से इनकार किया है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी आरोप खारिज किए हैं. अभी किसी कथित भुगतान की पुष्टि नहीं हुई है.
ED जांच की मांग
सांसद संजय राऊत ने कथित रकम के स्रोत की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की है. संजय राऊत की मांग पर विस्तृत खबर पढ़ें.
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बाहरी स्रोत: Mid-day की रिपोर्ट.
संपादकीय नोट: आरोप जांच के अधीन हैं. किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं हुआ है.
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