नई दिल्ली, 27 अक्टूबर. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराते हुए दिल्ली के व्यापारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपनी बात रखने को कहा है. यह प्रतिक्रिया 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों की चिंताओं के बीच आई है.
व्यापारियों की क्या मांग है?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली 10 नवंबर के बाद कराने का अनुरोध किया. संगठन ने कहा कि त्योहारों के आसपास यातायात प्रतिबंध, रास्तों में बदलाव और बाजारों तक पहुंच में परेशानी से व्यापार प्रभावित हो सकता है. संगठन द्वारा बताए गए संभावित आर्थिक नुकसान के आंकड़े अनुमान हैं, वास्तविक नुकसान के सत्यापित आंकड़े नहीं.
राहुल गांधी ने क्या जवाब दिया?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर व्यापारियों की चिंता स्वीकार करते हुए कहा कि वे उनकी बात सुन रहे हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई और दावा किया कि ऐसा होने पर विरोध प्रदर्शन बहुत जल्दी खत्म हो सकते हैं. यह कांग्रेस का राजनीतिक रुख है, कोई सरकारी निर्णय नहीं.
वोटर लिस्ट और SIR पर विपक्ष की आपत्ति
INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठा रहा है. विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग के आधिकारिक निर्णयों को अलग-अलग समझना जरूरी है. कथित ‘वोट चोरी’ को जांच में सिद्ध तथ्य की तरह प्रस्तुत नहीं किया जा सकता.
क्या 1 नवंबर की रैली टलेगी?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि व्यापारियों की अपील पर विचार किया जाएगा. इस खबर के प्रकाशन तक रैली स्थगित होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है. आगे का फैसला गठबंधन के औपचारिक ऐलान से स्पष्ट होगा.
स्रोत: The Economic Times.
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