औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के तासिका निदेशकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू
मंत्री मंगल प्रभात लोढा का महत्वपूर्ण निर्देश, पांच वर्ष से अधिक सेवा वालों को मिलेगा लाभ
मुंबई, 19 जून: राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में वर्षों से तासिका आधार पर कार्यरत शिल्प निदेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार के कौशल्य विकास, रोजगार, उद्यमिता और नाविन्यता मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने निर्देश दिए हैं कि जिन तासिका निदेशकों ने पांच वर्ष से अधिक सेवा दी है, उनकी परीक्षा लेकर उत्तीर्ण होने पर उन्हें नियमित किया जाए।
इस संबंध में पूर्व मंत्री शोभा फडणवीस ने मंत्री लोढा को पत्र लिखकर इन निदेशकों को नियमित करने की मांग की थी। मंत्री ने पत्र की त्वरित दखल लेते हुए व्यवसाय शिक्षण व प्रशिक्षण संचालनालय के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस पर सकारात्मक चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने भी इस मुद्दे को लेकर मंत्री लोढा से भेंट की और मांग रखी कि राज्य के कई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में रिक्त निदेशक पदों पर लंबे समय से तासिका तत्व पर कार्यरत कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारी जो 5 वर्ष या उससे अधिक कार्यकाल पूर्ण कर चुके हैं और जो आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं जैसे आईटीआई (ITI), सीटीआई (CTI), डिप्लोमा या डिग्री रखते हैं, उन्हें परीक्षा के माध्यम से नियमित किया जाए।
यह पहल न केवल इन निदेशकों को नौकरी की स्थिरता प्रदान करेगी, बल्कि प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में भी सुधार लाएगी। सैकड़ों परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और इससे शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
मंत्री मंगल प्रभात लोढा की यह घोषणा राज्य के कौशल विकास क्षेत्र में एक दूरदर्शी और मानवीय दृष्टिकोण का परिचायक है, जो लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

