मुंबई/पुणे, 25 अक्टूबर 2026. महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित इलाकों के कॉलेज और विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में राहत मिलने लगी है. राज्य सरकार के निर्णय के बाद 26 विश्वविद्यालयों के 2,40,365 विद्यार्थियों ने सेमेस्टर परीक्षा के फॉर्म भरते समय शून्य शुल्क का विकल्प इस्तेमाल किया है. यह आंकड़ा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी जानकारी के आधार पर 20 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया था. इसे 25 अक्टूबर तक के नए अंतिम आंकड़े के रूप में नहीं समझना चाहिए.
305 सूखाग्रस्त तहसीलों के विद्यार्थियों को राहत
राज्य में पहले 265 तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था. बाद में यह संख्या बढ़कर 305 हुई. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सरकारी निर्णय के तहत संबंधित सूखाग्रस्त तहसीलों के पात्र विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लेने के निर्देश विश्वविद्यालयों को दिए हैं. यह राहत किस पाठ्यक्रम, परीक्षा और विद्यार्थी पर लागू होगी, इसकी पुष्टि संबंधित विश्वविद्यालय की अधिसूचना से करनी होगी.
26 विश्वविद्यालयों में 2.40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने उठाया लाभ
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 26 राज्य विश्वविद्यालयों के 2,40,365 विद्यार्थियों ने सेमेस्टर परीक्षा आवेदन के दौरान शून्य शुल्क सुविधा का उपयोग किया. उच्च शिक्षा निदेशक शैलेंद्र देवलांकर ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों तक शुल्क माफी की जानकारी पहुंचाने के लिए परिपत्र जारी किए जाएं. राज्यभर में लाभार्थियों की संख्या पांच लाख से अधिक होने की संभावना भी विभागीय प्रेस विज्ञप्ति में जताई गई थी. यह संभावित संख्या है, अंतिम पुष्टि नहीं.
मुंबई विश्वविद्यालय में फीस वापसी की प्रक्रिया
रिपोर्ट में बताया गया कि मुंबई विश्वविद्यालय ने पहले से जमा परीक्षा शुल्क लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है. इस मद में लगभग 3.5 करोड़ रुपये की फीस वापसी का उल्लेख किया गया. जिन विद्यार्थियों ने पहले शुल्क भर दिया है, वे यह मानकर न चलें कि हर विश्वविद्यालय में अपने आप रकम लौट जाएगी. अपने कॉलेज के परीक्षा विभाग या विश्वविद्यालय के आधिकारिक निर्देशों से रिफंड की प्रक्रिया और पात्रता जांचना जरूरी है.
जालना और मराठवाड़ा के छात्रों के लिए क्या जरूरी है?
जालना सहित मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले कॉलेज विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण हो सकता है. हालांकि केवल जालना का निवासी होने से हर विद्यार्थी को स्वतः छूट मिलेगी, ऐसा दावा करना सही नहीं होगा. संबंधित तहसील का सरकारी सूखा प्रभावित सूची में होना, विश्वविद्यालय के नियम और पाठ्यक्रम की पात्रता जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं. विद्यार्थियों को अपने कॉलेज के परीक्षा कक्ष से लिखित सूचना लेनी चाहिए.
परीक्षा शुल्क माफी नहीं मिली तो क्या करें?
- पहले अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज की परीक्षा संबंधी आधिकारिक अधिसूचना देखें.
- परीक्षा फॉर्म में शून्य शुल्क का विकल्प उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच करें.
- यदि शुल्क पहले जमा कर चुके हैं, तो रसीद और आवेदन संख्या संभालकर रखें.
- विश्वविद्यालय के नामित नोडल अधिकारी से पात्रता या रिफंड संबंधी शिकायत करें.
- किसी अनधिकृत व्यक्ति को रिफंड के नाम पर बैंक OTP, पासवर्ड या अतिरिक्त रकम न दें.
विभागीय जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए विश्वविद्यालयों में नोडल अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया है.
सरकार ने क्या कहा?
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि सूखे के संकट में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए. परीक्षा शुल्क के आर्थिक बोझ से राहत देना इसी दिशा में उठाया गया कदम है. राज्य में सूखे के कारण किसानों और परिवारों पर बढ़ते दबाव के बीच उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह अलग प्रकार की सहायता है.
महाराष्ट्र में सूखा राहत की पृष्ठभूमि के लिए हमारी रिपोर्ट पढ़ें: महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित तहसीलें और राहत उपाय.
स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के हवाले से. आधिकारिक अपडेट के लिए महाराष्ट्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और अपने विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखें.
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