जालना/ठाणे, 8 नवंबर 2026। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में महज 20 दिन के नवजात बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए बच्चे को रत्नागिरी से सुरक्षित बरामद किया और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मुंबई के घाटकोपर में तैनात एक होमगार्ड भी शामिल है, जिसे जालना जिले से पकड़ा गया। शुरुआती सौदा ढाई लाख रुपये का होने और बिचौलियों के बीच रकम साढ़े छह लाख रुपये तक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। अंतिम रकम और हर आरोपी की भूमिका की जांच जारी है।
मां की शिकायत से खुला मामला
रिपोर्टों के मुताबिक, मुंब्रा रेलवे स्टेशन के आसपास गुजारा करने वाली 19 वर्षीय महिला ने 5 नवंबर को पुलिस में शिकायत दी। आरोप है कि एक व्यक्ति ने उस पर नवजात बेटे को बेचने का दबाव बनाया। ढाई लाख रुपये में सौदा तय होने और शुरुआत में करीब 1.20 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई। शिकायत में यह भी आरोप है कि बाद में महिला और उसकी बहन से मारपीट कर रकम वापस छीन ली गई। इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।
बिचौलियों के बीच बढ़ती गई कथित कीमत
लोकसत्ता और TV9 मराठी की रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती ढाई लाख रुपये का कथित सौदा आगे चलकर साढ़े छह लाख रुपये तक पहुंच गया। पुलिस यह जांच कर रही है कि किसने किससे संपर्क कराया, रकम किसके पास पहुंची और बच्चे को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। रकम बढ़ने की रिपोर्ट को अंतिम रूप से प्रमाणित लेन-देन मानना अभी जल्दबाजी होगी।
जालना से होमगार्ड गिरफ्तार
जांच के दौरान गोपीनाथ किसन धोत्रे (46) का नाम सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, वह मुंबई के घाटकोपर में होमगार्ड के रूप में तैनात है और उसे जालना जिले से पकड़ा गया। पुलिस उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से संपर्क की जांच कर रही है। जालना से एक आरोपी की गिरफ्तारी का अर्थ यह नहीं है कि जिले में अलग से कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सिद्ध हो गया है।
पांच टीमों की कार्रवाई, रत्नागिरी से बरामदगी
पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटिल के मार्गदर्शन में मुंब्रा पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर जांच के लिए टीमें लगाईं। मुंब्रा, कल्याण, दिवा, डोंबिवली और जालना से जुड़े सुरागों पर काम करते हुए पुलिस रत्नागिरी पहुंची, जहां से बच्चे को सुरक्षित बरामद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार शिकायत के लगभग 24 घंटे के भीतर यह कार्रवाई हुई।
10 गिरफ्तार, पुलिस हिरासत में पूछताछ
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक होमगार्ड भी शामिल है। अदालत ने आरोपियों को 10 नवंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा। पुलिस कथित खरीद-फरोख्त की कड़ियां जोड़ रही है और यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों का संबंध किसी अन्य ऐसे मामले से है या नहीं। पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चे की सुरक्षा और आगे की जांच
बरामद बच्चे की चिकित्सकीय जांच के बाद उसे बाल कल्याण समिति के निर्देशों के अनुसार देखरेख में रखे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के सामने अब मुख्य सवाल यह है कि कथित सौदे में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी अन्य बच्चे के साथ भी ऐसा अपराध हुआ है। किसी भी आरोपी का दोष अदालत में साबित होने से पहले उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
स्रोत और जरूरी स्पष्टीकरण
लोकसत्ता की रिपोर्ट और TV9 मराठी की रिपोर्ट सहित प्रकाशित खबरों के आधार पर यह समाचार तैयार किया गया है। आरोप और कथित रकम पुलिस जांच के अधीन हैं।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

















Leave a Reply