जालना. जालना जिले पर इस साल गंभीर सूखे का साया है. इससे शहर के नागरिकों को भी पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ सकती है. इसके उपाय के तौर पर नगरसेवक अश्विन भास्करराव अंबेकर ने पालकमंत्री पंकजा मुंडे और विधायक अर्जुनराव खोतकर से मांग की है कि शहर के नालों से बह जाने वाला पानी रोककर जमीन में उतारने के लिए छोटे और मझोले बांध बनाए जाएं.
यह ज्ञापन संपर्क प्रमुख और पूर्व नगराध्यक्ष भास्करराव अंबेकर की प्रमुख मौजूदगी में भाग्यनगर स्थित विधायक खोतकर के निवास ‘दर्शना’ पर सौंपा गया. इस दौरान जिला प्रमुख ए.जे. बोराडे, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष अनिरुद्ध खोतकर, पंडितराव भुतेकर, युवासेना के लोकसभा संपर्क प्रमुख अभिमन्यु खोतकर, जिला प्रमुख भाऊसाहेब घुगे, शहर प्रमुख विष्णु पाचफुले, महानगरपालिका में विपक्ष के नेता कमलेश खरे और नगरसेवक दुर्गेश काठोटीवाले समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे.
बोरवेल सूखे, भूजल बहुत नीचे
ज्ञापन में कहा गया है कि जालना शहर की आबादी चार लाख से ज्यादा है. शहर को संत गाडगेबाबा (घाणेवाडी) जलाशय और जायकवाडी प्रोजेक्ट, इन दो स्रोतों से पानी मिलता है. लेकिन शहर का फैलाव आसपास की कई बस्तियों और कॉलोनियों तक हो गया है. ऐसी कई जगहों पर मनपा की वितरण व्यवस्था नहीं है, इसलिए वहां के लोग पूरी तरह बोरवेल पर निर्भर हैं. अब भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है और कई बस्तियों के बोरवेल में पानी नहीं आ रहा. इसलिए बहते पानी को जमीन में उतारने वाली योजनाओं पर ध्यान देना जरूरी है.
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किन नालों पर बांध की मांग
ज्ञापन के अनुसार पुराने समय के मोती तालाब और मुक्तेश्वर तालाब नालों का पानी रोककर बनाए गए बांध ही हैं. कुंडलिका नदी पर स्व. बालासाहेब ठाकरे बांध बनने से भी आसपास के लोगों को बड़ा फायदा हुआ है. शहर में ऊंचाई से आने वाला पानी कई नालों से बह जाता है, जैसे:
- जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास की ऊंचाई से पानी लाने वाला भाग्यनगर–भोईपुरा का नाला
- अंबड रोड–गंगाधरवाडी–सामनगांव रोड से बहने वाला नाला
- रेलवे स्टेशन परिसर से बहने वाला नाला
- नए जालना के एसआरपी और मंठा चौफुली क्षेत्र का नाला
- कन्हैयानगर की ओर से शहर में आने वाला नाला
- चंदनझिरा परिसर से बहने वाला नाला
- छत्रपति संभाजीनगर रोड पर टोल नाके के पास कुसुम लॉन्स के सामने से बहने वाला नाला
अंबेकर ने मांग की है कि शहर और आसपास के सभी नालों का निरीक्षण हो, उन पर से अतिक्रमण हटाकर उन्हें गहरा और चौड़ा किया जाए और सही जगहों पर छोटे व मझोले बांध बनाए जाएं. इससे पानी जमीन में उतरेगा और आसपास की बस्तियों को फायदा होगा. उन्होंने पालकमंत्री और विधायक से इस मांग पर सकारात्मक विचार करने का अनुरोध किया.
जिले की आधिकारिक जानकारी के लिए जालना जिला प्रशासन की वेबसाइट देखें.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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