जालना, 9 सितंबर. महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की नीति के तहत गणेशोत्सव को ‘राज्य महोत्सव’ का दर्जा दिया गया है. इसी के तहत सार्वजनिक गणेश मंडलों में कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट गणेशोत्सव मंडल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. जालना जिले में इस प्रतियोगिता के लिए उत्कृष्ट गणेश मंडलों का चयन करने हेतु जिलास्तरीय चयन समिति का गठन किया गया है.
उपजिलाधिकारी होंगे समिति के अध्यक्ष
जिलास्तरीय समिति के अध्यक्ष उपजिलाधिकारी (भूसंपादन) होंगे. समिति में जे.ई.एस. कॉलेज के प्राचार्य गणेश अनमोलकर, जिला परिषद के जिला स्वास्थ्य अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के उप क्षेत्रीय अधिकारी, जिला योजना अधिकारी, जालना के उपविभागीय पुलिस अधिकारी तथा कला क्षेत्र से गजानन पडुळ और संकेत शार्दूल गायन को सदस्य बनाया गया है.
नगर परिषद प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है.
100 अंकों के आधार पर होगा मंडलों का मूल्यांकन
तालुका स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले गणेश मंडलों के आवेदन जिलास्तरीय समिति के सामने रखे जाएंगे. इसके बाद सरकार द्वारा तय किए गए 100 अंकों के मानदंड के आधार पर मंडलों का मूल्यांकन किया जाएगा.
मूल्यांकन में मंडल की ओर से किए जाने वाले सांस्कृतिक और सामाजिक कार्य, पर्यावरण संरक्षण, कला को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां और गणेशोत्सव के आयोजन में किए गए विशेष प्रयासों को महत्व दिया जाएगा.
पहले तीन स्थान पाने वाले मंडलों को मिलेगा पुरस्कार
जिला स्तर पर उत्कृष्ट गणेश मंडलों में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान चुना जाएगा. विजेता मंडलों को क्रमशः 50 हजार, 40 हजार और 30 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.
जालना जिले में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले गणेश मंडल का चयन कर उसे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए ‘पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी’ के पास भेजा जाएगा.
सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े कामों को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य गणेशोत्सव को सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना है. इससे जालना जिले के गणेश मंडलों को समाजोपयोगी और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां करने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.