जालना/बहरामपुर (पश्चिम बंगाल), प्रतिनिधि। उम्र 50 साल, सामने करीब 80 किलोमीटर का लंबा सफर और नदी का तेज बहाव। लेकिन जालना के कैलास झोलगे ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 6 सितंबर को आयोजित 81 किमी भागीरथी इंटरनेशनल ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता में करीब 80 किमी दूरी 12.5 घंटे में तैरकर पूरी की।
27 में से 15 तैराकों ने बीच में छोड़ी प्रतियोगिता
भागीरथी नदी में तेज बहाव, गाद और पानी में मौजूद वनस्पतियों के बीच तैरना आसान नहीं था। प्रतियोगिता में भारत, बांग्लादेश और देश के अलग-अलग राज्यों से 27 तैराकों का चयन हुआ था। प्रतियोगिता में 19 किमी और 81 किमी के दो वर्ग थे। कैलास झोलगे ने 81 किमी के कठिन वर्ग में हिस्सा लिया।
शुरुआती 12 से 15 किमी के अंदर ही 27 में से 15 तैराकों ने प्रतियोगिता छोड़ दी। इसके बावजूद झोलगे लगातार तैरते रहे। 13 से 55 वर्ष के ओपन वर्ग में 50 वर्षीय कैलास झोलगे सबसे उम्रदराज तैराक थे।
70 किमी के बाद पैर में आया तेज क्रैम्प
कैलास झोलगे की चुनौती 70 किमी के बाद और बढ़ गई। करीब 70 से 72 किमी के बाद उनके बाएं पैर की उंगलियों और पैर में तेज क्रैम्प आ गया। इसके बावजूद उन्होंने तैरना बंद नहीं किया। बाएं पैर को आराम देते हुए उन्होंने सिर्फ दाएं पैर से किक मारकर करीब 8 किमी की दूरी पूरी की और 80 किमी तक पहुंचे।
“यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा फिटनेस चेक था। बाहर आने के बाद ऐसा लग रहा था जैसे एक दिन में दो आयरनमैन प्रतियोगिताएं पूरी कर ली हों। शरीर पूरी तरह थक गया था, लेकिन मन नहीं थका था।”
कैलास झोलगे
पहले 19 किमी सिर्फ 2 घंटे 40 मिनट में पूरे किए
झोलगे ने प्रतियोगिता की शुरुआत भी तेज रफ्तार से की। पहले 19 किमी के लिए साढ़े तीन घंटे का कटऑफ था, लेकिन उन्होंने यह दूरी सिर्फ 2 घंटे 40 मिनट में पूरी कर ली। इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी रफ्तार बनाए रखी और करीब 80 किमी तक तैरते रहे।
80 किमी तैरने के बाद भी BP और ECG सामान्य
करीब साढ़े 12 घंटे पानी में रहने के बाद उनका ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ECG सामान्य रहा। हालांकि इस दौरान उनके वजन में 6.5 किलो की कमी आई। प्रतियोगिता से पहले उनका वजन 76 किलो था, जो तैराकी के बाद 69.5 किलो रह गया।
कैलास झोलगे की यह कामयाबी जालना और मराठवाड़ा के लिए गर्व की बात है। 50 साल की उम्र में इतनी लंबी और कठिन ओपन वाटर स्विमिंग पूरी कर उन्होंने युवाओं के सामने मेहनत और हौसले की मिसाल पेश की है।

