10 अक्टूबर 2026: अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की PERM प्रक्रिया को लेकर रिपोर्टों के बाद भारतीय आईटी पेशेवरों के बीच चिंता बढ़ी है। PERM, अमेरिकी श्रम विभाग की श्रम प्रमाणन प्रक्रिया है, जो रोजगार आधारित स्थायी निवास के कुछ वर्गों में नियोक्ता के लिए एक जरूरी शुरुआती चरण होती है।
PERM क्या है?
PERM का पूरा नाम Program Electronic Review Management है। आम तौर पर नियोक्ता को भर्ती संबंधी शर्तें पूरी करने और अमेरिकी श्रम बाजार से जुड़े नियमों का पालन करने के बाद आवेदन देना होता है। यह प्रक्रिया स्वयं ग्रीन कार्ड या काम करने का वीजा नहीं देती।
रोक की खबर का क्या मतलब?
प्रकाशित रिपोर्ट में PERM आवेदन की प्रक्रिया में रोक या रुकावट का उल्लेख किया गया है। ऐसी खबर को सभी भारतीय नागरिकों के वीजा समाप्त होने, स्वीकृत ग्रीन कार्ड रद्द होने या प्रत्येक लंबित आवेदन पर एक समान प्रभाव पड़ने के अर्थ में नहीं पढ़ना चाहिए।
किन कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है?
किसी कर्मचारी पर असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसका मामला किस चरण में है, नियोक्ता ने कौन-सा आवेदन जमा किया है और उस समय अमेरिकी श्रम विभाग तथा नागरिकता एवं आव्रजन सेवा की आधिकारिक स्थिति क्या है। नियोक्ता और कर्मचारी को आवेदन की रसीद, समयसीमा और स्थिति की जांच करनी चाहिए।
H-1B और ग्रीन कार्ड में अंतर
H-1B जैसे अस्थायी कामकाजी वीजा और PERM आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया अलग हैं। किसी एक प्रक्रिया में देरी का अर्थ दूसरी श्रेणी के तहत मौजूदा वैध दर्जे का अपने आप समाप्त होना नहीं है।
कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
प्रभावित कर्मचारी आधिकारिक अमेरिकी श्रम विभाग और USCIS की वेबसाइटों पर नवीनतम सूचना देखें। व्यक्तिगत केस की कानूनी स्थिति समझने के लिए योग्य अमेरिकी आव्रजन वकील की सलाह लेना बेहतर है।
स्रोत और आधिकारिक जानकारी: इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट | अमेरिकी श्रम विभाग: PERM | USCIS
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