छत्रपति संभाजीनगर. भारत में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, महान समाज सुधारक और शिक्षाविद महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के मौके पर द्विशताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसी को देखते हुए विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने छत्रपति संभाजीनगर विभाग के सभी सरकारी विभागों से अपने-अपने स्तर पर सालभर अलग-अलग कार्यक्रम करने की अपील की है, ताकि फुले के सामाजिक समानता, स्त्री शिक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक न्याय के विचार हर वर्ग तक पहुंचें।

महात्मा फुले द्विशताब्दी वर्ष: 11 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2027
राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा व खेल विभाग के 10 अप्रैल 2026 के सरकारी परिपत्र के मुताबिक 11 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2027 तक द्विशताब्दी वर्ष मनाया जाएगा। सरकार ने इसके लिए महीनेवार कार्ययोजना भी तय की है। आयुक्त ने कहा कि कार्यक्रम सिर्फ शिक्षण संस्थाओं तक सीमित न रहें, बल्कि सभी विभाग अपने काम के इलाके में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर फुले के विचार घर-घर पहुंचाएं।
कार्ययोजना में कौन-कौन से कार्यक्रम
- जागरूकता रैली, पोस्टर अभियान, जीवन परिचय सप्ताह, जल संरक्षण, किसान व जल प्रबंधन कार्यक्रम, बाल सभा और स्वच्छता अभियान।
- सामाजिक समानता पर कथा और चर्चा, गांव का दौरा, ‘समता दीवार’ और ‘समता दौड़’।
- पौधरोपण, देशभक्ति गीत, भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, महात्मा फुले साहित्य पठन अभियान, शिक्षक सम्मान, नवाचार प्रतियोगिता, विज्ञान व सूचना तकनीक आधारित कार्यक्रम।
- स्त्री सशक्तिकरण, रोल प्ले, पोस्टर प्रतियोगिता, पुस्तक प्रदर्शनी, ‘महात्मा फुले शैक्षिक प्रेरणा सप्ताह’ और संविधान से जुड़ी पुस्तकों का पठन।
- नकली (मॉक) ग्राम पंचायत व जिला परिषद, पोवाडा (लोकगीत) प्रतियोगिता, सांस्कृतिक उत्सव, चित्रकला प्रतियोगिता, शोध, स्थानीय इतिहास का अध्ययन, इंटरव्यू और प्रोजेक्ट प्रस्तुति।
- वाद-विवाद, निबंध, पोस्टर और प्रोजेक्ट प्रतियोगिताएं; मार्च में समापन कार्यक्रम, पुरस्कार वितरण और सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों व शिक्षकों का सम्मान।
जिला सूचना कार्यालयों से होगा प्रचार
आयुक्त ने कहा कि इन कार्यक्रमों के प्रचार के लिए हर जिले के जिला सूचना अधिकारी का सहयोग लिया जाए। विभागों के कार्यक्रमों की जानकारी, फोटो और खबरें जिला सूचना कार्यालय के जरिए जारी की जाएं और अखबार, टीवी, सोशल मीडिया समेत सभी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाए।
सभी कार्यक्रमों में सामाजिक समानता, स्त्री शिक्षा, शिक्षा का महत्व, किसान कल्याण, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्य और वैज्ञानिक सोच को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग अपने कामकाज के हिसाब से व्याख्यान, संगोष्ठी, सेमिनार, प्रदर्शनी और जागरूकता अभियान चलाएं और सरकार के निर्देशों के मुताबिक योजना बनाकर उन्हें ठीक से लागू करें।
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आठों जिलों के विभाग हों शामिल
छत्रपति संभाजीनगर विभाग के छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, परभणी और हिंगोली, इन आठों जिलों के सभी सरकारी विभाग इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। आयुक्त ने कहा कि फुले का समानता, शिक्षा और सामाजिक बदलाव का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग तालमेल से काम करें।
महात्मा ज्योतिराव फुले के जीवन और काम के बारे में अधिक जानकारी यहां पढ़ सकते हैं। और खबरें पढ़ें: छत्रपति संभाजीनगर की खबरें
रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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