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नियमित जलापूर्ति पर सवाल: “रोज़ और समय पर पानी क्यों नहीं?” — मानवाधिकार आयोग में मामला
एडवोकेट अश्विनी महेश धन्नावत ने जालना में नियमित जलापूर्ति की मांग को लेकर मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि अनियमित जलापूर्ति महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिससे उनके रोजगार और आत्मनिर्भरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आयोग की उपेक्षा से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।


