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सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी कब संभव? नवरात्रि में एडवोकेट अश्विनी धन्नावत का ‘लॉ एंड पावर’ अभियान

Gavel with brass scales of justice and law books in the background, symbolizing judicial decision-making.
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

Jalna | Navratri 2026

जालना: क्या किसी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार किया जा सकता है? इसी महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न को लेकर इनर व्हील क्लब ऑफ जालना होराइजन का ‘लॉ एंड पावर’ जागरूकता संदेश नवरात्रि में महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है। क्लब अध्यक्ष सुचिता बागड़िया के नेतृत्व में एडवोकेट अश्विनी धन्नावत यह पहल कर रही हैं।

कानून क्या कहता है?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 43(5) के अनुसार सामान्यतः सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। असाधारण परिस्थितियों में महिला पुलिस अधिकारी को लिखित रिपोर्ट देकर संबंधित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति लेनी होती है। इसलिए यह सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन पूर्ण और बिना अपवाद प्रतिबंध नहीं है।

एडवोकेट अश्विनी धन्नावत की अपील

“इस नवरात्रि नारीशक्ति का सम्मान केवल पूजा तक सीमित न रहे। प्रत्येक महिला अपने कानूनी अधिकार जाने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाए और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता ले। ‘लॉ एंड पावर’ परियोजना का लाभ उठाकर ज्ञान को अपनी शक्ति बनाएं,” एडवोकेट अश्विनी धन्नावत ने अपने प्रस्तावित जागरूकता संदेश में कहा।

इनर व्हील की सामाजिक भूमिका

अध्यक्ष सुचिता बागड़िया के नेतृत्व में क्लब महिला सशक्तिकरण और कानूनी जागरूकता को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इनर व्हील महिलाओं का अंतरराष्ट्रीय स्वैच्छिक सेवा आंदोलन है, जो मैत्री, समाजसेवा और सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करता है।

गिरफ्तारी के कारण जानना, वकील से सलाह लेना और कानूनी सहायता प्राप्त करना महत्वपूर्ण अधिकार हैं। निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

स्रोत: Law Trend; बीएनएसएस धारा 43(5)।


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dhannawatlaw

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