चेन्नई, 18 अक्टूबर 2026। तमिल फिल्म संगीत को नई पहचान देने वाले अनुभवी संगीतकार और गायक देवा का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार शनिवार को चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने के बाद उनका निधन हुआ। उनके जाने से दक्षिण भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे संगीतकार को खो दिया जिसने फिल्मों के नायक की पहचान को संगीत से जोड़ा।
कौन थे देवा?
देवा को ‘तेनिसाई तेंदरल’ यानी मधुर संगीत की बयार के नाम से जाना जाता था। सरकारी नौकरी छोड़कर संगीत को अपना पेशा बनाने वाले देवा ने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 400 से ज्यादा फिल्मों के लिए संगीत दिया। तमिल के अलावा तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में भी उनका योगदान रहा।
रजनीकांत के सुपरस्टार अंदाज से संगीत का रिश्ता
1992 की फिल्म ‘अन्नामलाई’ के संगीत और विशेष रूप से रजनीकांत से जुड़ी प्रसिद्ध ‘सुपरस्टार’ धुन ने देवा को एक अलग स्थान दिलाया। फिल्मों में पात्रों के प्रवेश, उनके आत्मविश्वास और दर्शकों की भावनाओं को संगीत के माध्यम से उभारना उनकी विशेषता थी। विजय और अजित कुमार जैसे सितारों की फिल्मों के संगीत से भी उनका नाम जुड़ा रहा।
गाना संगीत को मुख्यधारा तक पहुंचाया
देवा ने तमिलनाडु के स्थानीय ‘गाना’ संगीत की ऊर्जा को फिल्मी गीतों में स्थान दिया। यह शैली आम लोगों के जीवन, गलियों की लय और बोलचाल की भाषा से जुड़ी है। उन्होंने लोक-रंग, रोमांस और लोकप्रिय धुनों का ऐसा मिश्रण तैयार किया जिसे अलग-अलग पीढ़ियों ने पसंद किया।
उनकी विरासत क्यों महत्वपूर्ण है?
देवा का योगदान केवल लोकप्रिय गीतों तक सीमित नहीं था। उन्होंने तमिल फिल्मों में नायक के लिए एक विशिष्ट संगीतमय पहचान गढ़ने की परंपरा को मजबूत किया। फिल्म ‘वैगासी पोरंथाचु’ (1990) से उन्हें प्रमुख पहचान मिली और इसके बाद अनेक फिल्मों ने उनके संगीत को घर-घर पहुंचाया। उनके निधन पर फिल्म जगत में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
यह समाचार 18 अक्टूबर को उपलब्ध पुष्ट रिपोर्टों पर आधारित है। स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस और द इकोनॉमिक टाइम्स।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

















Leave a Reply