मुंबई, 30 अक्टूबर — महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की ओर से मंत्रालय के त्रिमूर्ति प्रांगण में आयोजित ‘उजेडाच्या वाटेवर’ छायाचित्र प्रदर्शनी का राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव ने अवलोकन किया। महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (DGIPR) की विज्ञप्तियों के अनुसार, इस प्रदर्शनी में बेटी के जन्म से लेकर महिला के जीवन के विभिन्न पड़ावों तक के संघर्ष, उसके जीवन-सफर और सामाजिक वास्तविकता का प्रभावी चित्रण किया गया है।

‘उजेडाच्या वाटेवर’ छायाचित्र प्रदर्शनी पर अधिकारियों की राय
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि बेटियों और महिलाओं को समाज में समान अधिकार और समान अवसर मिलें, इस दृष्टि से यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण है। विज्ञप्ति के अनुसार प्रदर्शनी की तस्वीरें प्रसिद्ध छायाचित्रकार संदेश भंडारे ने खींची हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव ने बताया कि प्रदर्शनी में महिलाओं के जन्म से लेकर जीवन के अलग-अलग पड़ावों की यात्रा, उनके संघर्ष, मेहनत और सामाजिक वास्तविकता को तस्वीरों के माध्यम से सामने रखा गया है। साथ ही राज्य सरकार की महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं, महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों और मदद के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी हर किसी के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. यादव के दौरे के समय आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे भी उपस्थित थीं।
कामकाजी महिलाओं का जीवन और कविताएं
प्रदर्शनी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की मेहनतकश महिलाओं का जीवन, उनके हिस्से आने वाले संघर्ष, सामाजिक परिस्थितियां और विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है। तस्वीरों की भावनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कल्पना दुधाळ, नारायण सुर्वे और अरुण काळे जैसे कवियों की कविताएं भी शामिल की गई हैं।
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प्रदर्शनी में दी गई हेल्पलाइन
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- आपातकालीन मदद: 112
- महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग: 155209
- सखी वन स्टॉप सेंटर: 181
- साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए: 14567
- निःशुल्क कानूनी सलाह: 15100
- महिलाओं के लिए पुलिस सहायता: 1091
कानूनों और साइबर सुरक्षा की जानकारी
प्रदर्शनी में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण) अधिनियम, दहेज प्रतिषेध कानून, मातृत्व लाभ कानून, प्रसव-पूर्व निदान तकनीक से जुड़ा कानून, हिंदू उत्तराधिकार कानून, चिकित्सीय गर्भपात कानून, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऑनलाइन युग में महिलाओं के साथ अलग-अलग तरीकों से धोखाधड़ी और मानसिक व आर्थिक शोषण के मामले बढ़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में प्रदर्शनी के जरिए ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर अपराध और उनसे बचाव के बारे में भी जागरूकता फैलाई गई है। महिलाओं के अनुभव, संघर्ष और जीने की जिद को दिखाने वाली यह प्रदर्शनी केवल तस्वीरों का संकलन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और समानता का संदेश देने वाला माध्यम बताई गई है।
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की आधिकारिक वेबसाइट: mscw.org.in। और खबरें पढ़ें: महाराष्ट्र न्यूज
स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय (DGIPR), महाराष्ट्र | प्रस्तुति: इमरान सिद्दीकी, जालना
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