जालना, 1 नवंबर 2026 — जालना शहर के नूतन वसाहत इलाके में बीती रात करीब 11 बजे एक बड़ा हादसा हो गया. अंबड चौफुली की ओर से शहर में आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर रेलवे फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़कर सीधे नीचे एकता होटल (एकता ढाबा) के प्रवेश द्वार पर जा गिरा. हादसे में कंटेनर के ड्राइवर और क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जालना के सरकारी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया. गनीमत रही कि उस समय होटल परिसर में लोगों की भीड़ नहीं थी, इसलिए बड़ा जानी नुकसान टल गया.

जालना कंटेनर हादसा: कैसे हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, अंबड चौफुली से शहर की ओर आ रहा कंटेनर जब रेलवे फ्लाईओवर से गुजर रहा था, तभी अचानक ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण छूट गया. कंटेनर पुल की रेलिंग तोड़ता हुआ सीधे नीचे एकता होटल के परिसर में जा गिरा.
कंटेनर गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई बड़ा धमाका हुआ हो. आवाज सुनते ही लोग मौके की ओर दौड़े और कुछ ही पलों में वहां भारी भीड़ जमा हो गई.
- जगह: नूतन वसाहत, रेलवे फ्लाईओवर के नीचे एकता होटल का गेट
- समय: रात करीब 11 बजे
- घायल: कंटेनर का ड्राइवर और क्लीनर (दोनों गंभीर)
- इलाज: सरकारी सामान्य अस्पताल, जालना
- नुकसान: कंटेनर का केबिन पूरी तरह चकनाचूर, होटल का गेट और फ्लाईओवर की रेलिंग क्षतिग्रस्त
हादसे में कंटेनर का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और होटल के प्रवेश द्वार को भी भारी नुकसान पहुंचा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कंटेनर में सवार एक व्यक्ति वाहन के साथ नीचे गिरा, जबकि दूसरा फ्लाईओवर पर ही गिर पड़ा.
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पुलिस और महापौर मौके पर पहुंचे

सूचना मिलते ही कदीम जालना पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक जनार्दन शेवाले बड़े पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. महापौर वंदनाताई मगरे ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया.
दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर को हटाने के लिए क्रेन बुलाई गई. फ्लाईओवर की रेलिंग टूटने से पुल की सुरक्षा दीवार को काफी नुकसान हुआ है और इलाके में खतरा बना हुआ था. इसलिए पुलिस ने भीड़ को हटाकर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए.
इसी जगह पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
खास बात यह है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहीं कुछ साल पहले भी फ्लाईओवर से वाहन नीचे गिरने की ऐसी ही घटना हो चुकी है. इसलिए इस फ्लाईओवर की सुरक्षा का सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है. क्या पुल की रेलिंग भारी वाहनों का भार सहने लायक है और क्या मोड़ व ढलान पर रफ्तार काबू में रखने के इंतजाम हैं, ऐसे सवाल अब उठ रहे हैं.

शहर में भारी वाहनों पर रोक, फिर भी रात में एंट्री
इस हादसे ने जालना शहर में भारी वाहनों की आवाजाही का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक होने के बावजूद रात 10 बजे के बाद बड़े-बड़े कंटेनर और मालवाहक वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों से गुजरते हैं. अंबड चौफुली से नूतन वसाहत होकर शहर में आने वाले भारी वाहनों पर निगरानी किसकी है, यह सवाल भी उठ रहा है.
रात में सड़कों पर भीड़ कम रहती है, लेकिन होटल, दुकानों और रिहायशी इलाकों में लोगों का आना-जाना चलता रहता है. ऐसे में नागरिक पूछ रहे हैं कि क्या रात के समय यातायात पुलिस भारी वाहनों पर कार्रवाई करती है और प्रवेश पर रोक के नियम का असल में पालन होता है या नहीं.
नागरिकों की मांग: पहले से हों बचाव के इंतजाम
अगर यही हादसा भीड़ के समय होता तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था. नागरिकों का कहना है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंचने के बजाय ऐसे हादसे रोकने के लिए प्रशासन को पहले से कदम उठाने चाहिए. इनमें ये मांगें प्रमुख हैं:
- फ्लाईओवर की सुरक्षा रेलिंग की तुरंत तकनीकी जांच
- खतरनाक जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम
- भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण
- शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक का सख्ती से पालन
अब जालना के लोगों की नजर इस पर है कि यातायात पुलिस, महानगरपालिका और संबंधित निर्माण विभाग इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं. जिले की आधिकारिक जानकारी जालना जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध है.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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