NewsNation Online

News That Informs. Stories That Matter.

सुप्रीम कोर्ट के डंडे से एक दिन में हटा बोरीवली का अतिक्रमण, जालना मनपा ले सबक: धन्नावत

अ‍ॅड. महेश धन्नावत यांचे छायाचित्र
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना. सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को फटकार लगाते हुए पालिका आयुक्त अश्विनी भिडे का वेतन रोकने का आदेश दिया था। इसके बाद सिर्फ एक दिन में बोरीवली में प्रस्तावित बेस्ट बस स्टेशन की जगह के सभी अतिक्रमण हटा दिए गए। अधिवक्ता महेश धन्नावत ने इस कार्रवाई का हवाला देते हुए जालना महानगरपालिका को भी समय रहते सबक लेने की सलाह दी है। उनकी ओर से भेजे गए नोट के अनुसार यह जानकारी सामने आई है।

कोर्ट में बीएमसी ने दी जानकारी

नोट के अनुसार बीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर. पी. भट्ट ने बुधवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि कोर्ट के सख्त रुख के बाद सभी अवैध निर्माण गिरा दिए गए हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “आपके हस्तक्षेप के बिना यह नहीं हो सकता था,” और उनका आभार जताया।

नोट में बताया गया है कि एक दिन पहले बीएमसी का पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता भट्ट ने पीठ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के पालन का हलफनामा जल्द दाखिल किया जाएगा।

मंगलवार की सुनवाई में क्या हुआ था

नोट के अनुसार मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाई और अतिक्रमण हटाने के लिए समय बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था। कोर्ट ने पालिका पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और आदेश का पालन होने तक आयुक्त का वेतन रोकने का निर्देश दिया था।

नोट में कहा गया है कि कोर्ट ने आशंका जताई थी कि बीएमसी के अधिकारी अतिक्रमण करने वालों से मिलीभगत कर उन्हें बचा रहे हैं और उनसे “हफ्ता” वसूल रहे हैं। बीएमसी ने संबंधित अधिकारी डॉ. प्रफुल्ल दिनेश तांबे को मराठी न आने के कारण दस्तावेजों के अनुवाद के लिए समय चाहिए होने की बात कही थी। इस पर न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने गहरा आश्चर्य जताया था।

Never miss a storyFollow News Nation Online on WhatsApp for breaking news from India and the world.
Follow on WhatsApp

बोरीवली की करीब 5,800 वर्ग मीटर जमीन में से 3,400 वर्ग मीटर जगह बेस्ट बस स्टेशन और प्रशासनिक इमारत के लिए आरक्षित है। मेसर्स पराग कंस्ट्रक्शन बनाम संध्या नांदेडकर के लंबित विवाद में आखिरकार कोर्ट की सख्ती से कार्रवाई पूरी हुई।

धन्नावत की जालना मनपा को सलाह

कानूनी जानकार अधिवक्ता महेश धन्नावत ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले और मुंबई मनपा की हुई किरकिरी से जालना महानगरपालिका को भी समय रहते सबक लेने की सख्त जरूरत है। जालना में भी कई जगह अवैध अतिक्रमणों का जाल फैला है। उन्हें तुरंत हटाने के लिए जालना मनपा से बिना कोई बहाना बनाए सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है। वरना भविष्य में जालना मनपा के अधिकारियों को भी अदालत की ऐसी ही सख्ती और कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”

नोट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की यह सख्ती अब राज्य की अन्य महानगरपालिकाओं के लिए भी साफ चेतावनी मानी जा रही है।

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे का वेतन रोकने और पालिका पर 5 लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया था।
  • आदेश के एक दिन में बोरीवली में प्रस्तावित बेस्ट बस स्टेशन की जगह के सभी अतिक्रमण हटाए गए।
  • बोरीवली की करीब 5,800 वर्ग मीटर जमीन में से 3,400 वर्ग मीटर बस स्टेशन और प्रशासनिक इमारत के लिए आरक्षित है।
  • अधिवक्ता महेश धन्नावत ने जालना मनपा से शहर के अवैध अतिक्रमण तुरंत हटाने की अपेक्षा जताई।

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

Leave a Reply