लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खतरनाक गैंगस्टर यवतमाल में गिरफ्तार — दो साल से भेस बदलकर रह रहा था, पुलिस ने चक्रव्यूह रचकर दबोचा
🗓️ तारीख: 1 जून 2025 📍 स्थान: यवतमाल, महाराष्ट्र ✍️ रिपोर्ट: न्यूज़नेशन संवाददाता
🔥 नाम बदला, किराए का घर लिया, ढाबा मालिक बन बैठा… लेकिन अपराध से भाग नहीं सका!
भारत के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक बेहद खतरनाक और मोस्ट वॉन्टेड अपराधी आखिरकार यवतमाल पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। आरोपी भूपेंद्र सिंह उर्फ रघु उर्फ भिंडार ने दो वर्षों तक यवतमाल के दांडेकर लेआउट इलाके में नकली पहचान के साथ आम नागरिक जैसा जीवन जीने की कोशिश की। वह खुद को “माहूर का ढाबा मालिक” बताकर स्थानीय लोगों को भ्रमित करता रहा, लेकिन पुलिस की नजरों से नहीं बच सका।
🕵️ पुलिस की प्लानिंग, खबरी की टिप और चक्रव्यूह
यवतमाल के पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने नशाखोरी और आपराधिक नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक खबरी से गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति फर्जी नाम से शहर में रह रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय गुन्हे शाखा (LCB) ने सटीक योजना बनाकर छापेमारी की और आरोपी को भागते समय गिरफ्तार कर लिया।
💣 कबूलनामा और खतरनाक अपराधों की लिस्ट
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लॉरेंस बिश्नोई और बिन्नी गुज्जर गैंग का सदस्य है। वह पंजाब और राजस्थान में हत्या, हत्या का प्रयास, खंडणी, अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
- पंजाब में 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज
- राजस्थान के बाड़मेर में हत्या का केस
- पहले ही दो मामलों में 10 और 20 वर्षों की सजा सुनाई जा चुकी थी
- गिरफ्तारी के समय फरार घोषित
💸 अमेरिका से मनी ट्रांसफर — गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी को अमेरिका से सौरभ गुज्जर नामक व्यक्ति द्वारा डॉलर में मनी ट्रांसफर किया जाता था। यह सौरभ, बिल्लू गुज्जर का भाई और गोल्डी ब्रार का करीबी है। सौरभ हर महीने आरोपी को ₹20,000 से ₹25,000 तक भेजता था ताकि वह फरारी के दौरान भी सक्रिय बना रहे।
🏚️ यवतमाल में ‘ढाबा मालिक’ का नाटक
भूपेंद्र सिंह अपनी पत्नी के साथ यवतमाल के दांडेकर लेआउट इलाके में रह रहा था और खुद को माहूर का ढाबा संचालक बताता था। लेकिन एक दिन शराब के नशे में उसने एक युवक को धमकाया और कहा कि वह बड़ा अपराधी है — यही बात खबरी के जरिए पुलिस तक पहुंची और फिर कार्रवाई की गई।
🚔 पुलिस की सतर्कता से बचा बड़ा खतरा
गिरफ्तारी के तुरंत बाद यवतमाल पुलिस ने पंजाब और राजस्थान पुलिस से समन्वय कर आरोपी के सभी मामलों की पुष्टि की। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर संबंधित राज्यों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
“हम अपराधियों को कहीं भी छिपने नहीं देंगे, वो चाहे किसी भी नाम से क्यों न जिएं — हम उन्हें खोज निकालेंगे।” — पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता
📌 निष्कर्ष
यवतमाल पुलिस ने इस कार्रवाई से साबित कर दिया कि अपराध का कितना भी मजबूत नेटवर्क क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की यह एक और अहम कड़ी अब पुलिस की गिरफ्त में है।
🔗 यह रिपोर्ट http://www.newsnationonline.com के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।
📢 खबर पसंद आए तो शेयर करें — #YavatmalPolice #LawrenceBishnoi #GangsterNews #BreakingNewsIndia

Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.








































































































Leave a Reply