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जालना में आवारा कुत्तों का आतंक, भोकरदन नाका इलाके में नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल

जालना के भोकरदन नाका क्षेत्र में सड़क किनारे आवारा कुत्तों का झुंड
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना, 11 अक्टूबर (प्रतिनिधि)। शहर के भोकरदन नाका सहित कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड से नागरिक परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुत्ते राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं। बच्चों समेत नागरिकों पर हमले की शिकायतों के बीच अभिभावकों में चिंता है। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठेका दिए जाने के बावजूद समस्या बरकरार रहने से जालना महानगरपालिका के अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।

भोकरदन नाका परिसर में सड़क किनारे बड़ी संख्या में कुत्ते दिखाई दे रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि अचानक वाहनों के पीछे दौड़ने से दुर्घटना का खतरा रहता है और बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है। उपलब्ध तस्वीरों में सड़क के पास कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं; हालांकि तस्वीरों से किसी हमले की पुष्टि नहीं होती।

ठेका दिया, फिर भी नहीं मिली राहत

आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए महानगरपालिका की ओर से एक एजेंसी को ठेका देकर अभियान शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि शुरुआत में कार्रवाई दिखी, लेकिन बाद में गतिविधियां कम हो गईं। अभियान की वर्तमान स्थिति और ठेके की शर्तों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

भोकरदन नाका क्षेत्र में सड़क के किनारे आवारा कुत्तों का झुंड
सड़क के पास आवारा कुत्तों का झुंड। फोटो: स्थानीय स्रोत

अभियान की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग

नागरिक जानना चाहते हैं कि संबंधित एजेंसी ने अब तक कितने कुत्तों को पकड़ा, कितनों का बंध्याकरण और रेबीज रोधी टीकाकरण किया तथा अभियान पर कितनी राशि खर्च हुई। उन्होंने ठेकेदार के कामकाज की समीक्षा और कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा के लिए नियमित कार्रवाई जरूरी

स्थानीय लोगों ने महानगरपालिका से प्रभावित क्षेत्रों में शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने और पशु कल्याण नियमों के अनुसार बंध्याकरण तथा रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान प्रभावी ढंग से चलाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और सड़क पर चलने वालों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

फिलहाल महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित एजेंसी का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। उनका जवाब मिलने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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Imran Siddiqui

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