जालना: महाराष्ट्र में सूखे और खरीफ नुकसान की स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय केंद्रीय टीम के दौरे की तैयारी ने जालना के किसानों की उम्मीद बढ़ाई है. जिले में कम बारिश, फसल नुकसान, पेयजल और चारे की समस्या लगातार गंभीर मुद्दे बने हुए हैं.
जालना की स्थिति क्यों अहम
जिले में प्रशासन ने 860 गांवों में किसान संवाद कर समस्याएं दर्ज की हैं और जलस्रोतों का वॉटर ऑडिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं. भोकरदन में जुई परियोजना का जलसाठा 5 प्रतिशत से नीचे पहुंचने की रिपोर्ट है. ऐसे में केंद्रीय आकलन से राज्य की राहत मांगों को तथ्यात्मक आधार मिल सकता है.
पढ़ें: जालना में हर गांव का वॉटर ऑडिट और फसल नुकसान की ग्राउंड रिपोर्ट.
किसानों की नजर राहत पर
केंद्रीय टीम का आकलन अपने आप राहत राशि की गारंटी नहीं होता, लेकिन नुकसान, पानी, कृषि और पशुधन की स्थिति पर रिपोर्ट आगे की सहायता तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है. जालना के लिए तालुकावार वास्तविक नुकसान का दस्तावेजीकरण निर्णायक रहेगा.
स्रोत: Loksatta Maharashtra drought coverage.
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