जालना, 10 सितंबर। बच्चों और युवाओं को तंबाकू की लत से दूर रखने के लिए जालना जिले में ‘तंबाकूमुक्त स्कूल’ अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत चल रहे इस अभियान को स्कूलों की ओर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिला अस्पताल, जालना के मुताबिक अब तक जिले की 101 स्कूलें तय मानकों को पूरा कर तंबाकूमुक्त हो चुकी हैं।
स्कूलों में तंबाकू के खिलाफ जागरूकता
अभियान के तहत स्कूलों में तंबाकू के खिलाफ अलग-अलग कार्यक्रम किए जा रहे हैं। तंबाकूमुक्त स्कूल के लिए तय 9 मानकों को पूरा करने वाली स्कूलों की जांच की जा रही है। मानक पूरे होने के बाद संबंधित स्कूल को तंबाकूमुक्त किया जा रहा है।
इसके लिए 10 से 16 अगस्त 2026 के बीच जिला स्तर पर सभी तालुका शिक्षा अधिकारियों, केंद्र प्रमुखों और विस्तार अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। इसके बाद हर तालुका में मुख्याध्यापकों और शिक्षकों की भी कार्यशाला ली गई।
इन कार्यशालाओं में स्कूल परिसर में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और इस्तेमाल रोकने, तंबाकू के नुकसान की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने, विद्यार्थियों को जागरूक करने और तंबाकूमुक्ति की शपथ दिलाने पर जोर दिया गया। साथ ही शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
बच्चों तक पहुंच रहा ‘तंबाकू को ना’ का संदेश
अभियान के जरिए विद्यार्थियों को ‘तंबाकू को ना, स्वस्थ जीवन को हां’ का संदेश दिया जा रहा है। स्कूलों में तंबाकू के नुकसान को लेकर जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम, शपथ समारोह और तंबाकू विरोधी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि विद्यार्थी इस संदेश को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं।
अप्रैल से अब तक 101 स्कूलें तंबाकूमुक्त
जिला अस्पताल के अनुसार अप्रैल 2026 से अब तक जिले की 101 स्कूलों को तंबाकूमुक्त किया जा चुका है। अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले समय में जिले की और स्कूलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
जिन स्कूलों ने अभी तय मानक पूरे नहीं किए हैं, उन्हें मानक पूरा करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।
तंबाकू की लत शुरू होने से पहले रोकने पर जोर
इस अभियान का मुख्य मकसद बच्चों में तंबाकू का सेवन शुरू होने से पहले ही उसे रोकना है। प्रशासन ‘तंबाकूमुक्त स्कूल, तंबाकूमुक्त परिसर और तंबाकूमुक्त पीढ़ी’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए जालना जिले में चलाया जा रहा यह अभियान अहम कदम माना जा रहा है।