मुंबई, 11 सितंबर: जालना जिले की जिला परिषद स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। अगले दो साल में जिले की 500 जिला परिषद स्कूलों का विकास करने की योजना तैयार की जाएगी। इन स्कूलों में बच्चों को अच्छी पढ़ाई के साथ जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
जालना जिले की प्रभारी मंत्री और राज्य की पर्यावरण एवं पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे ने अधिकारियों को इसके लिए पूरी योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों का विकास सिर्फ इमारत बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों को पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
‘नए साल में नई स्कूल’ अभियान के तहत काम करने के निर्देश
पंकजा मुंडे ने अधिकारियों से कहा कि ‘नए साल में नई स्कूल’ की सोच के साथ स्कूलों के विकास का काम अभियान की तरह किया जाए। उनकी इच्छा है कि जालना जिले में तैयार होने वाली स्कूलें इतनी अच्छी हों कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों की स्कूलें भी उनसे सीख लें। स्कूलों के विकास में गुणवत्ता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय में स्कूलों के विकास की समीक्षा
पंकजा मुंडे ने 11 सितंबर को मुंबई के मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जालना जिले की जिला परिषद स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिरीष बनसोडे, मनपा आयुक्त अंजली शर्मा और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।
इससे पहले 1 सितंबर को भी स्कूलों के विकास को लेकर बैठक हुई थी। उस बैठक में जिले की स्कूलों का सर्वे कर उनकी स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। अब उस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की योजना पर चर्चा की गई।
स्कूलों और आंगनवाड़ियों के पैसे का सही इस्तेमाल हो
पालकमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों और आंगनवाड़ियों के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी पैसे का सही और सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए जरूरी पढ़ाई की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्कूलों में होने वाले निर्माण और दूसरे विकास कार्यों की गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए।
स्कूलों में साफ-सफाई और जरूरी सुविधाओं पर जोर
स्कूलों का विकास करते समय आदर्श स्कूल की तस्वीर सामने रखकर काम करने को कहा गया है। स्कूलों की अच्छी रंगाई-पुताई, साफ-सुथरा और आकर्षक परिसर, जरूरी सुविधाएं और मजबूत निर्माण पर खास ध्यान दिया जाएगा।
पंकजा मुंडे ने कहा कि जालना में तैयार होने वाली आदर्श स्कूलें ऐसी हों कि दूसरे जिलों और राज्यों के लोग भी उन्हें देखकर अपने यहां इसी तरह का काम करने के लिए प्रेरित हों।
अगली समीक्षा बैठक जालना में होगी
पंकजा मुंडे ने बताया कि स्कूलों के विकास कार्यों की अगली समीक्षा बैठक जालना में ही आयोजित की जाएगी। इससे जिले में चल रहे कामों की स्थिति को मौके पर जाकर देखने और जरूरी फैसले लेने में मदद मिलेगी।
बैठक में जिले में अलग-अलग नई योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन योजनाओं के लिए उपलब्ध पैसे को तय समय के भीतर खर्च किया जाए।
काम में देरी और घटिया गुणवत्ता बर्दाश्त नहीं
पालकमंत्री ने साफ कहा कि जिन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, उनमें किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सभी काम समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि काम की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूलों के विकास में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

