10 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले संशोधन को रद्द किया है। फैसले से सरकारी भर्तियों और उच्च शिक्षा के आरक्षण नियमों पर असर पड़ेगा।
फैसले की प्रमुख बातें
न्यायमूर्ति आनंद पाठक और विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा कि 50 प्रतिशत की कुल आरक्षण सीमा से आगे जाने के लिए आवश्यक असाधारण परिस्थितियां साबित नहीं की गईं। अदालत के सामने 90 से अधिक याचिकाएं थीं।
आगे क्या बदलाव होंगे?
मामले में लंबे समय से 87:13 फॉर्मूले के तहत 13 प्रतिशत पदों को लेकर अनिश्चितता थी। अदालत ने संबंधित भर्ती एजेंसियों को रोके गए पदों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के लिए आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।
क्या समझना जरूरी है?
अदालत का फैसला ओबीसी आरक्षण समाप्त करने का आदेश नहीं है। मुद्दा 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी की वैधता था।
स्रोत: विस्तृत रिपोर्ट | अन्य राष्ट्रीय समाचार
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