शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी CBSE स्कूलों में अब छात्रों और शिक्षकों की एक अलग और एक समान पहचान नजर आएगी। राज्य सरकार ने सरकारी CBSE स्कूलों के विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, शिक्षकों के ड्रेस कोड और स्कूल भवनों की रंग योजना को अंतिम रूप दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
छात्रों के लिए हरे रंग की थीम वाली यूनिफॉर्म
नए ड्रेस कोड के तहत सरकारी CBSE स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य इन स्कूलों को एक समान और आसानी से पहचानी जाने वाली पहचान देना है।
पुरुष शिक्षकों के लिए हल्की नीली पैंट-शर्ट
सरकारी CBSE स्कूलों में पुरुष शिक्षकों के लिए हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट निर्धारित की गई है। वहीं महिला शिक्षिकाओं के लिए लाइलैक यानी हल्के बैंगनी रंग की ड्रेस तय की गई है। ड्रेस कोड का उद्देश्य शिक्षकों की पेशेवर और एकरूप पहचान सुनिश्चित करना है।
शिक्षकों के लिए ID कार्ड पहनना भी जरूरी
ड्यूटी के दौरान शिक्षकों के लिए पहचान पत्र यानी ID कार्ड पहनना अनिवार्य किया गया है। ड्रेस कोड को साफ-सुथरा, शालीन और पेशेवर रखने पर जोर दिया गया है।
स्कूल भवनों की भी बदलेगी रंग योजना
सरकार ने केवल यूनिफॉर्म ही नहीं, बल्कि सरकारी CBSE स्कूलों के भवनों की रंग योजना भी तय की है। स्कूल भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों में तैयार करने की योजना है। इससे सभी सरकारी CBSE स्कूलों को एक समान दृश्य पहचान मिलेगी।
1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा शिक्षकों का ड्रेस कोड
रिपोर्ट के अनुसार शिक्षकों का नया ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना है। स्कूलों में अनुशासन और समय की पाबंदी पर भी जोर दिया गया है। शिक्षकों की उपस्थिति दिन में तीन बार दर्ज करने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है।
155 सरकारी CBSE स्कूलों में लागू होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश में यह व्यवस्था 155 सरकारी CBSE स्कूलों के लिए बताई गई है। सरकार का उद्देश्य इन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और सुविधाओं के साथ एक समान पहचान विकसित करना है।
CBSE स्कूलों के लिए 80 करोड़ रुपये जारी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी CBSE स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इन स्कूलों में जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अलावा 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने की भी बात कही गई है।
एक नजर में नया ड्रेस कोड
- छात्र: हरे रंग की थीम वाली यूनिफॉर्म
- पुरुष शिक्षक: हल्की नीली पैंट और शर्ट
- महिला शिक्षिकाएं: लाइलैक/हल्के बैंगनी रंग की ड्रेस
- शिक्षक: ड्यूटी के दौरान ID कार्ड अनिवार्य
- स्कूल भवन: ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंग
- शिक्षकों का ड्रेस कोड: 1 अक्टूबर 2026 से लागू
- सरकारी CBSE स्कूल: 155
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
सरकार का मानना है कि एक समान यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की निर्धारित रंग योजना से सरकारी CBSE स्कूलों की अलग पहचान मजबूत होगी। शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड और ID कार्ड से स्कूल परिसर में पेशेवर वातावरण और अनुशासन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
स्रोत: उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर। NewsNationOnline ने खबर को पाठकों के लिए सरल और स्पष्ट हिंदी में प्रस्तुत किया है।
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