जालना, 5 नवंबर 2026 — जालना जिले के अंबड समेत सूखाग्रस्त तालुकों में उच्च और तकनीकी शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए राज्य सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 का परीक्षा शुल्क माफ करने का फैसला किया है। लेकिन इस राहत के साथ जुड़ी कड़ी शर्तों के कारण बड़ी संख्या में छात्र इसके दायरे से बाहर रह जाएंगे। पुनर्परीक्षा (एटीकेटी) देने वाले छात्रों को भी इसका फायदा नहीं मिलने की बात सामने आई है।

परीक्षा शुल्क माफी पर 3 नवंबर का सरकारी आदेश
राज्य सरकार ने 3 नवंबर को जारी सरकारी आदेश (GR) में सूखाग्रस्त तालुकों के पात्र छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने के लिए 20 लाख 38 हजार 630 रुपये के खर्च को मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि इससे सूखे की मार झेल रहे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर आर्थिक बोझ कम होगा।
इन छात्रों को नहीं मिलेगा लाभ
- जिन छात्रों को पहले किसी दूसरी सरकारी योजना से शुल्क माफी मिल चुकी है, उन्हें दोबारा लाभ नहीं दिया जाएगा।
- बाहरी (एक्सटर्नल) छात्रों को यह छूट नहीं मिलेगी।
- जिन छात्रों के माता-पिता कारोबार के लिए शहर में रहते हैं, वे भी इस छूट के हकदार नहीं होंगे।
- पुनर्परीक्षा देने वाले छात्रों को भी राहत से बाहर रखा गया है।
इन शर्तों के चलते सूखाग्रस्त इलाकों के कई जरूरतमंद छात्र फीस माफी से वंचित रह जाएंगे। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि सूखे की मार सभी परिवारों पर एक जैसी है, इसलिए शर्तें आसान की जानी चाहिए।
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पृष्ठभूमि: सूखे से जूझ रहा जालना
इस साल कम बारिश के कारण जालना समेत मराठवाड़ा के कई तालुके सूखाग्रस्त घोषित हुए हैं। ऐसे तालुकों में सरकार किसानों और छात्रों के लिए अलग-अलग राहत उपाय लागू करती है, जिनमें परीक्षा शुल्क माफी भी शामिल है।
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न्यूज़ नेशन ऑनलाइन डेस्क
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