जालना, 31 अक्टूबर 2026 — अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर फर्जी पहचान पत्रों के सहारे महाराष्ट्र में रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक असलम मनी काजी (26) को जालना जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए दो साल तक के कारावास की सजा सुनाई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमांक 6 आर. बी. पारवेकर ने 28 अक्टूबर को यह फैसला दिया. मामला बदनापुर पुलिस थाने में वर्ष 2025 में दर्ज हुआ था.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी और उसके साथ अन्य लोगों ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था. इसके बाद फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र के सहारे वे पहले मुंबई के डोंबिवली पूर्व स्थित मानपाडा क्षेत्र में और बाद में जालना जिले के बदनापुर में रहने लगे.
डायल 112 पर मिली सूचना से हुआ खुलासा
इस मामले का खुलासा 7 अप्रैल 2025 को हुआ. सुबह करीब 9 बजे बदनापुर पुलिस को डायल 112 पर नूर अस्पताल के पास विवाद और जान को खतरा होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंचे पुलिस कांस्टेबल रियाज मोहम्मद पठान को एक महिला और पुरुष आपस में झगड़ते मिले.
पूछताछ में दोनों ने पहले अपना पता मुंबई का बताया, लेकिन आगे की जांच में उन्होंने मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी होने की बात कही. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया. पुलिस उपनिरीक्षक ए. जी. जैस्वाल ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया.
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अपराध स्वीकारा, तीन धाराओं में कारावास और जुर्माना
सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार करने का आवेदन दिया. सरकारी पक्ष का जवाब और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई:
- विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 की धारा 14 और 14-अ (बी): अलग-अलग दो-दो वर्ष का साधारण कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना. प्रत्येक जुर्माना न भरने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास.
- पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम की धारा 3 और 6: तीन महीने का साधारण कारावास और 150 रुपये जुर्माना. जुर्माना न भरने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास.
सरकारी पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता एडवोकेट जयश्री बी. सोलंके (बोराडे) ने पैरवी की. पुलिस अधीक्षक तेगबीर सिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम साले और पुलिस उपविभागीय अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सुरवसे, कोर्ट पैरवी तथा जिला सरकारी वकील कार्यालय के कर्मचारियों ने मामले में सहयोग किया.
कानूनी पृष्ठभूमि
भारत में विदेशियों के प्रवेश और निवास से जुड़े कानून अब एक नए कानून में समाहित हैं. आप्रवासन और विदेशी अधिनियम, 2025 देश में 1 सितंबर 2025 से लागू हुआ, जिसने विदेशी अधिनियम 1946 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम समेत चार पुराने कानूनों की जगह ली है. यह मामला अप्रैल 2025 में दर्ज हुआ था, यानी नया कानून लागू होने से पहले. नए कानून की जानकारी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की वेबसाइट देखी जा सकती है.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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