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इल्म, अमल और इश्क़-ए-रसूल की बुलंद मिसाल थे आला हजरत: मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही
जालना की गुलजार मस्जिद में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने आला हजरत इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी की इल्मी, दीनी और साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डाला। 7 और 8 अगस्त को दुनिया भर में 108वां उर्स अकीदत के साथ मनाया जाएगा।
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आज की लापरवाही, कल की परेशानी: जालना में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने SIR प्रक्रिया पर लोगों को किया जागरूक
जालना की गुलज़ार मस्जिद में जुमे के बयान के दौरान मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने SIR प्रक्रिया की अहमियत बताते हुए लोगों से समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
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जालना की गुलजार मस्जिद से गूंजी आवाज़, “नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से मोहब्बत ईमान की सबसे बड़ी निशानी”- मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही
जालना की गुलजार मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने नबी ﷺ की मोहब्बत को ईमान की पहचान बताते हुए सब्र, अमन और कानून के पालन की अपील की।
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कर्बला सिर्फ एक जंग नहीं, सब्र और सच्चाई की सबसे बड़ी मिसाल है
जालना की गुलजार मस्जिद में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने मोहर्रम और कर्बला के पैगाम पर भावुक बयान दिया। उन्होंने इमाम हुसैन (रज़ि.) की शहादत को पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत और सच्चाई की सबसे बड़ी मिसाल बताया।



