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आला हजरत ने लिखीं एक हजार से ज्यादा किताबें, 50 से अधिक इल्म और फन के थे माहिर
जालना की दरगाह सैयद अहमद शेर सवार में 108वां उर्स-ए-आला हजरत अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दरगाह के मुतवल्ली सैयद जमील मौलाना ने इमाम अहमद रजा खान की इल्मी और दीनी सेवाओं पर रोशनी डाली। इस दौरान कुरआन ख्वानी, कुल शरीफ, फातिहा ख्वानी, नात-ए-पाक और लंगर-ए-रजा का आयोजन किया गया।
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इल्म, अमल और इश्क़-ए-रसूल की बुलंद मिसाल थे आला हजरत: मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही
जालना की गुलजार मस्जिद में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने आला हजरत इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी की इल्मी, दीनी और साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डाला। 7 और 8 अगस्त को दुनिया भर में 108वां उर्स अकीदत के साथ मनाया जाएगा।

