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सेवा संकल्प अभियान में दिव्यांग बच्चों के लिए फिजियोथेरपी शिविर, 60 बच्चों ने लिया लाभ

जालना के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत पालक कार्यशाला और फिजियोथेरपी शिविर
जालना के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत पालक कार्यशाला और फिजियोथेरपी शिविर
सेवा संकल्प अभियान के तहत जालना के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में आयोजित पालक कार्यशाला और फिजियोथेरपी शिविर

जालना, 29 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, जालना में 28 सितंबर को पालक कार्यशाला और बाल फिजियोथेरपी शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को जरूरी पुनर्वास सेवाएं दी गईं और उनके माता-पिता को बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए उपयोगी जानकारी दी गई।

पालक कार्यशाला में करीब 80 माता-पिता शामिल हुए। वहीं फिजियोथेरपी शिविर के लिए 63 बच्चों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 60 बच्चों ने सेवा का लाभ लिया। बच्चों को जरूरी पुनर्वास सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई।

समय पर उपचार और घर पर व्यायाम जरूरी

कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि डॉ. श्वेता शिंदे ने माता-पिता से कहा कि बच्चों के विकास के लिए समय पर उपचार शुरू करना, नियमित फिजियोथेरपी कराना और घर पर रोजाना बताए गए व्यायाम करवाना जरूरी है। इसमें माता-पिता की लगातार भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे की क्षमता और जरूरत अलग होती है। इसलिए उपचार और प्रशिक्षण भी उसी के अनुसार तय किया जाना चाहिए।

अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किया सहयोग

कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना एवं उद्योग के पूर्व परियोजना संचालक मनोज देशमुख, जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के कर्मचारी, फिजियोथेरपिस्ट और बच्चों के माता-पिता मौजूद रहे।

जिलाधिकारी अस्मिता मित्तल के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम से बच्चों को पुनर्वास सेवाएं मिलने के साथ माता-पिता को भी जरूरी मार्गदर्शन मिला। आयोजकों ने आगे भी इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के आयोजन में पाखरे, तनया और शैलेन्द्र कापसे (दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी, जिला परिषद जालना) का सहयोग रहा। परियोजना समिति के डी. टी. सोनी (अध्यक्ष), हेमल अमृत माने (कोषाध्यक्ष), राजू भाऊराव शिरसाठ (कार्यवाह), दिपाली त्र्यंबक अरगले, डॉ. संजय मारुती, दीपक सुनील गायकवाड़, नितीन बंडलकर, डॉ. उमेश बंडलकर और भानुदास लक्ष्मण डोबाळे ने भी आयोजन में योगदान दिया।

कॉलेज ऑफ फिजियोथेरपी की ओर से डॉ. मानसी जाधव और फिजियोथेरपी विभाग के सहयोगियों ने बच्चों को उपचार के दौरान मार्गदर्शन दिया।

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की फिजियोथेरपिस्ट डॉ. मिताली पंडित और स्वप्ना शेरकर के साथ निशा मंत्री, विजय देशपांडे (लेखापाल), विजयकांत किंगरे, गणेश ओंगरे और सत्यभामा भुतेकर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में मेहनत की।

दिव्यांग सशक्तीकरण से जुड़ी जानकारी

जालना की स्थानीय खबरों के लिए NewsNationOnline का जालना न्यूज सेक्शन देखें। दिव्यांगजनों से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी के लिए महाराष्ट्र दिव्यांग कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भी देखी जा सकती है। भारत सरकार की दिव्यांगजन संबंधी योजनाओं और सुविधाओं के लिए Department of Empowerment of Persons with Disabilities की वेबसाइट उपलब्ध है।

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Imran Siddiqui

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