जालना: डिजिटल गोल्ड में निवेश को लेकर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की चेतावनी ने उपभोक्ता सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। 8 नवंबर 2025 के परामर्श में SEBI ने स्पष्ट किया कि डिजिटल गोल्ड और ई-गोल्ड उसके नियामकीय दायरे में नहीं आते और प्रतिभूति बाजार के निवेशक संरक्षण उपाय उन पर लागू नहीं होते।
चेतावनी के बाद भी कारोबार क्यों?
एडवोकेट महेश धन्नावत ने सवाल उठाया: “जब नियामक संस्थाएं डिजिटल गोल्ड के जोखिमों के प्रति जनता को आगाह कर रही हैं, तो सरकार इस कारोबार को बंद क्यों नहीं करती या निवेशकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नियम क्यों नहीं बनाती?” यह सरकार से पूछा गया सवाल है, किसी घोषित सरकारी प्रतिबंध का दावा नहीं।
निवेशकों को प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, सोने के स्वामित्व, भंडारण और रिडेम्प्शन की शर्तें जांचनी चाहिए। SEBI ने यह नहीं कहा है कि हर ग्राहक का डिजिटल सोना निश्चित रूप से गायब हो जाएगा।
संपर्क: एडवोकेट महेश सीताराम धन्नावत, शिवकृपा, कालिकुर्ती, आर. पी. रोड, जालना। मोबाइल: 9326704647।
Source: Law Trend; SEBI advisory dated 8 November 2025.
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