सरकारी कार्यालयों में बिना हेलमेट प्रवेश पर पूरी तरह रोक
जिलाधिकारी आशिमा मित्तल के सख्त आदेश, आज से लागू हुआ नियम
जालना, 11 फरवरी। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और उनमें हो रही जान-माल की क्षति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने विशेष आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए आईएसआई मानक वाला हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। सरकारी कार्यालयों में बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक .
यह आदेश आज से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि नियमों का उद्देश्य केवल सख्ती नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम
जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि यदि सरकारी स्तर पर नियमों का सख्ती से पालन होगा, तो आम नागरिकों में भी यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस निर्णय को केवल आदेश न समझें, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम मानते हुए इसका पालन करें।
केवल हेलमेट पहनने वालों को ही मिलेगा कार्यालयों में प्रवेश
नए आदेशों के तहत—
- जालना मुख्यालय सहित जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले व्यक्ति को हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
- जिलाधिकारी कार्यालय परिसर सहित सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में केवल हेलमेट पहने हुए व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
- प्रत्येक कार्यालय के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा जांच की जाएगी।
- बिना हेलमेट आने वाले व्यक्तियों को कार्यालय परिसर में वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।
कार्यालय प्रमुखों को दिए गए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि—
- वे अपने-अपने कार्यालयों में कर्मचारियों को इस नियम की पूरी जानकारी दें
- नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें
- किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों के पालन की नियमित निगरानी की जाएगी।
कानूनी प्रावधान का भी पालन
उल्लेखनीय है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के अनुसार दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना पहले से ही कानूनी रूप से अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने इसी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक अनुशासन को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
(महत्वपूर्ण लिंक)
- भारत सरकार – मोटर वाहन अधिनियम, 1988:
https://legislative.gov.in - महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट:
https://www.maharashtra.gov.in - परिवहन विभाग, महाराष्ट्र:
https://transport.maharashtra.gov.in
सरकारी कार्यालयों में बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक

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