NewsNation Online

News That Informs. Stories That Matter.

‘किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बंद करें खोतकर, पहले हिसाब दें!’ कैलाश गोरंट्याल का पलटवार

Group of officials seated at a long conference table with multiple microphones during a press briefing in a meeting room
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना (प्रतिनिधि)। नवरात्रि के धार्मिक कार्यक्रम में नोट बरसाए जाने के वायरल वीडियो पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब जालना की किसान संस्थाओं के कामकाज और संपत्तियों तक पहुंच गया है। शिवसेना नेता एवं विधायक अर्जुन खोतकर की आलोचना का जवाब देते हुए भाजपा नेता और पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने उन पर तीखा हमला बोला। जालना में किसानों की मौजूदगी में आयोजित पत्रकार परिषद में गोरंट्याल ने कहा कि किसानों के नाम पर सवाल उठाने वालों को पहले अपने कार्यकाल और फैसलों का हिसाब देना चाहिए।

गोरंट्याल ने रामनगर के बंद शक्कर कारखाने, कृषि उपज बाजार समिति के लगभग एक हजार व्यावसायिक गालों के आवंटन, गुड़ मार्केट और जालना खरीदी-बिक्री संघ के कामकाज को लेकर अनेक आरोप लगाए। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों की जांच और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही। ये आरोप गोरंट्याल के हैं; इनके समर्थन में स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हैं। खोतकर या संबंधित संस्थाओं की विस्तृत प्रतिक्रिया भी अभी प्राप्त नहीं हुई है।

बारह साल से बंद शक्कर कारखाने पर सवाल

गोरंट्याल ने आरोप लगाया कि जालना शक्कर कारखाने को फिर शुरू करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन करीब बारह साल बाद भी कारखाना बंद है। उन्होंने कारखाने की खरीद प्रक्रिया और किसानों से किए गए वादों की जांच की मांग की। खोतकर को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिन कारखाना शुरू होगा, वह स्वयं हार पहनाकर उनका स्वागत करेंगे।

महामार्ग के रास्ते और मुआवजे पर गंभीर दावा

जालना–नांदेड़ समृद्धि महामार्ग के प्रस्तावित मार्ग को लेकर भी गोरंट्याल ने सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मार्ग को शक्कर कारखाने की जमीन से निकालने की कोशिश हुई थी, ताकि करीब 100 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त किया जा सके। उनके अनुसार किसानों के विरोध के बाद प्रस्तावित रास्ते में बदलाव हुआ। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है; उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बाजार समिति के एक हजार गालों का मुद्दा

जालना कृषि उपज बाजार समिति में करीब एक हजार व्यावसायिक गालों के आवंटन पर गोरंट्याल ने कथित एक हजार करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका दावा है कि किसानों के लिए निर्धारित परिसरों का उपयोग कपड़ा, फर्नीचर और अन्य व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आवंटन के नियम, लाभार्थियों की सूची, भुगतान और आर्थिक लेनदेन का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कथित राशि किसी आधिकारिक जांच से प्रमाणित आंकड़ा नहीं है।

किसानों को सस्ता भोजन क्यों नहीं?

गोरंट्याल ने बाजार समिति में किसानों की सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कई मंडियों में किसानों के लिए कम कीमत पर भोजन की व्यवस्था है, जबकि जालना में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने समिति की आय और किसानों के कल्याण पर होने वाले खर्च का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की।

गुड़ मार्केट और खरीदी-बिक्री संघ की जांच की मांग

गोरंट्याल ने गुड़ मार्केट तथा जालना खरीदी-बिक्री संघ से जुड़ी संपत्तियों के उपयोग पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान हित के लिए स्थापित संस्थाओं की गतिविधियां सीमित या बंद होने के बाद परिसरों का अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया। एक परिसर में कॉलेज संचालित होने और प्रवेश संबंधी गतिविधियों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। इन दावों की पुष्टि के लिए संस्थागत रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का जवाब आवश्यक है।

गठबंधन अपनी जगह, किसानों का सवाल अपनी जगह

राज्य में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन के बावजूद स्थानीय स्तर पर तीखी बयानबाजी के सवाल पर गोरंट्याल ने कहा कि किसानों के हित के मुद्दे पर वह चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि संबंधित प्रकरणों को दस्तावेजों के साथ सरकार के सामने रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर न्यायिक रास्ता अपनाया जाएगा।

नोटों के वीडियो पर क्या कहा?

विवाद की शुरुआत नवरात्रि के धार्मिक कार्यक्रम के वीडियो से हुई थी, जिसमें गोरंट्याल नृत्य करते दिखे और कुछ श्रद्धालु नोट उड़ाते नजर आए। खोतकर ने सूखे और किसानों की परेशानियों के बीच इस घटना की आलोचना की थी। गोरंट्याल ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही सफाई दे चुके हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व को भी अपना पक्ष बता चुके हैं। पार्टी का निर्णय उन्हें स्वीकार होगा।

इस विवाद में अब अहम प्रश्न यह है कि क्या लगाए गए आरोपों के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत, जांच या दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे। संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने पर तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

संबंधित समाचार: कैलाश गोरंट्याल से जुड़ी अन्य खबरें और जालना के किसानों की खबरें।

संदर्भ: महाराष्ट्र राज्य कृषि पणन मंडल और जालना जिला प्रशासन। ये सामान्य संस्थागत संदर्भ हैं, आरोपों की पुष्टि नहीं।


Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
Imran Siddiqui

Leave a Reply

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading