जालना: गणेशोत्सव को लेकर जालना शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार शहर के प्रमुख डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग पर 100 से ज्यादा गणेश मंडलों के मंडप लगाए जा रहे हैं। एक ही सड़क पर इतनी बड़ी संख्या में गणेश मंडलों का आयोजन अपने आप में खास माना जा रहा है। इसे एक अनोखे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने की मांग भी उठ रही है।
गणेशोत्सव के मद्देनजर जालना महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन की ओर से गणेश मंडलों को आवश्यक अनुमति देने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है। प्रशासन के नियोजन के चलते बड़ी संख्या में मंडलों को अनुमति मिल सकी है।
एक ही सड़क पर 100 से ज्यादा गणेश मंडल
एक ही मार्ग पर 100 से ज्यादा गणेश मंडलों का आयोजन यदि आधिकारिक रूप से दर्ज कराया जाता है, तो यह जालना के लिए खास उपलब्धि बन सकती है। इसके लिए संबंधित प्रशासन को विश्व रिकॉर्ड के लिए जरूरी दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने की मांग भी की जा रही है।
भीड़, सुरक्षा और ट्रैफिक सबसे बड़ी चुनौती
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग मुख्य रूप से रिहायशी इलाका है। गणेशोत्सव के दौरान आकर्षक सजावट और गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए जालना शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं, युवतियों और छोटे बच्चों की संख्या भी काफी रहती है।
वहीं इस इलाके में कई महत्वपूर्ण अस्पताल भी हैं। ऐसे में सामान्य वाहनों के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी लगातार होती है। इसलिए बड़ी संख्या में मंडप लगाए जाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन रास्ता खुला रखने की होगी।
CCTV और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
इसी मुद्दे पर बाल न्याय मंडल की सदस्य एडवोकेट अश्विनी महेश धन्नावत ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग पर गणेशोत्सव के दौरान भारी भीड़ जुटने की संभावना है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उनके मुताबिक पूरे मार्ग को CCTV कैमरों की निगरानी में रखा जाना चाहिए और पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के विद्यार्थियों और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद ली जा सकती है। महिला सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों और निर्भया पथक की तैनाती की मांग भी की गई है।
मोबाइल टॉयलेट में पानी और सफाई जरूरी
गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले मोबाइल टॉयलेट की नियमित सफाई और पर्याप्त पानी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है। एडवोकेट धन्नावत ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए मोबाइल टॉयलेट साफ-सुथरे रखे जाएं और वहां पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए।
एंबुलेंस के लिए हर समय खुला रहे रास्ता
महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन ने गणेश मंडलों को अनुमति देते समय जिस ट्रैफिक प्लान को तैयार किया है, उसकी असली परीक्षा अब उत्सव के दौरान होगी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग पर बड़ी संख्या में मंडप होने के कारण यह जरूरी होगा कि एंबुलेंस के लिए हर समय पर्याप्त और बाधारहित रास्ता उपलब्ध रहे।
किसी भी चौक या प्रमुख मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार न लगे और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए पुलिस और महानगरपालिका को संयुक्त रूप से काम करना होगा। प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ गणेशोत्सव को सफल बनाना नहीं, बल्कि उत्सव, सुरक्षा, स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना भी है।
‘जालना पैटर्न’ पर रहेगी नजर
एक ही सड़क पर 100 से ज्यादा गणेश मंडलों के आयोजन के कारण इस बार डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग शहर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यदि भीड़, यातायात, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए बनाई गई व्यवस्था प्रभावी रहती है तो ‘जालना पैटर्न’ को दूसरे शहरों के लिए भी एक मॉडल के तौर पर देखा जा सकता है।
आधिकारिक जानकारी और जरूरी संपर्क
जालना शहर महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर नागरिक सेवाओं और प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध है। आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस की सहायता के लिए 112 नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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बाहरी स्रोत: जालना शहर महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट | महाराष्ट्र पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट
नोट: 100 से अधिक गणेश मंडलों का आंकड़ा और इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने की बात उपलब्ध स्थानीय जानकारी और व्यक्त की गई मांग के आधार पर दी गई है। इसे आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड के रूप में तभी माना जाएगा जब संबंधित रिकॉर्ड संस्था द्वारा इसकी पुष्टि की जाए।