नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026. सरकारी खरीद के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी टेंडर और खरीद प्रक्रिया को आसान तथा किफायती बनाने के लिए किए गए सुधारों की जानकारी दी है. 28 अक्टूबर को आयोजित ‘GeM संवाद 2026’ कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती (LUB) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए.
लेनदेन शुल्क घटा, छोटे ऑर्डर पर छूट बढ़ी
केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, GeM ने लेनदेन शुल्क ऑर्डर मूल्य के 0.50 प्रतिशत से घटाकर 0.30 प्रतिशत कर दिया है. पहले 5 लाख रुपये तक के ऑर्डर पर शुल्क से छूट थी, जिसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है. 10 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर पर अधिकतम शुल्क 3 लाख रुपये तय किया गया है, जबकि पहले यह सीमा 72.50 लाख रुपये थी. GeM के मुताबिक, करीब 97 प्रतिशत ऑर्डर पर अब लेनदेन शुल्क नहीं लगता.
108 वर्चुअल सम्मेलन आयोजित
GeM और लघु उद्योग भारती के बीच 2024 में हुए समझौते के बाद अब तक 108 वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किए गए हैं. इनका उद्देश्य छोटे कारोबारियों को सरकारी खरीद के अवसरों, ऑनलाइन पंजीकरण और प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की जानकारी देना है. यह संख्या 108 वस्तुओं की खरीद से संबंधित नहीं है.
छोटे उद्योगों को भुगतान और पूंजी में मदद
GeM के सीईओ मिहिर कुमार ने कहा कि सुधारों का मकसद भागीदारी की लागत कम करना और उद्यमों के लिए अवसर बढ़ाना है. कार्यक्रम में बताया गया कि GeM ने पांचों ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) एक्सचेंज के साथ एकीकरण किया है. इसके अलावा GeM SAHAY के जरिए खरीद आदेशों के आधार पर बिना गिरवी ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया.
GeM के अतिरिक्त सीईओ अजित बी. चव्हाण तथा लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया. छोटे उद्यमों के लिए नियमित जागरूकता सम्मेलन और सहायता काउंटर बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई.
आधिकारिक स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय (PIB), 28 अक्टूबर 2026. संबंधित खबरों के लिए बिजनेस और भारत सेक्शन देखें.
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