नासिक, 31 अक्टूबर 2026: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की औपचारिक शुरुआत आज ध्वजारोहण समारोह से हो रही है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी सूचना के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नासिक में ध्वज-स्तंभ पूजन, ध्वज पूजन और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगी और एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगी।
यह समारोह आने वाले सिंहस्थ कुंभ की धार्मिक घड़ी की शुरुआत माना जाता है। महाराष्ट्र सरकार और कुंभ मेला प्राधिकरण ने इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की है।
राष्ट्रपति का दो दिन का दौरा
पीआईबी के माध्यम से 30 अक्टूबर की शाम जारी विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रपति 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक महाराष्ट्र और हरियाणा के दौरे पर हैं। पहले दिन वे नासिक में सिंहस्थ महाकुंभ से जुड़े ध्वजारोहण कार्यक्रम में रहेंगी। अगले दिन, 1 नवंबर को, वे हरियाणा के कुरुक्षेत्र जाएंगी, जहां हरियाणा राज्य के गठन के 60 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह और गुरुकुल कुरुक्षेत्र के वार्षिकोत्सव में शामिल होंगी। गुरुकुल का यह कार्यक्रम स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के शताब्दी वर्ष से जुड़ा है।
रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में एक साथ ध्वजारोहण
कुंभ मेला प्राधिकरण की योजना के अनुसार ध्वजारोहण नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर एक ही मुहूर्त में, दोपहर 12:02 बजे, किया जाना तय है। गोदावरी तट पर गोदा आरती, दीप प्रज्वलन, शंखनाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी तैयारी की गई है। आयोजन में राज्य की आदिवासी संस्कृति को भी जगह देने की योजना है।
समारोह के दौरान कुंभ मेले का गीत जारी करने, स्मारक डाक टिकट के अनावरण, एक कॉफी टेबल बुक के विमोचन और कुंभ मेला प्राधिकरण की वेबसाइट के शुभारंभ का कार्यक्रम भी रखा गया है। 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन जाकर उन्हें इस आयोजन का न्योता दिया था।
सुरक्षा और यातायात की तैयारी
नासिक पुलिस ने 22 अक्टूबर को गोदावरी तट पर पूरे कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा का पूर्वाभ्यास किया था। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देशन में हुए इस अभ्यास में भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने पर ध्यान दिया गया। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के कारण आज रामकुंड और आसपास के इलाकों में आवाजाही पर पाबंदियां रह सकती हैं, इसलिए श्रद्धालु स्थानीय पुलिस की सूचनाओं पर नजर रखें।
जालना और मराठवाड़ा के श्रद्धालुओं के लिए क्या मायने
सिंहस्थ कुंभ हर 12 साल में तब आयोजित होता है जब बृहस्पति सिंह राशि में होता है। नासिक में पिछला सिंहस्थ 2015 में हुआ था। जालना, छत्रपति संभाजीनगर, बीड और पूरे मराठवाड़ा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नासिक और त्र्यंबकेश्वर जाते हैं। ध्वजारोहण के साथ ही कुंभ की तैयारियों का औपचारिक दौर शुरू हो जाता है, इसलिए आने वाले महीनों में स्नान तिथियों, विशेष बसों और रेल सुविधाओं से जुड़ी घोषणाएं अहम होंगी। आधिकारिक स्नान तिथियों के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण की घोषणा का इंतजार करें और किसी अपुष्ट संदेश पर भरोसा न करें।
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मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 अक्टूबर को नासिक में सिंहस्थ कुंभ के ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगी।
- ध्वजारोहण रामकुंड (नासिक) और कुशावर्त तीर्थ (त्र्यंबकेश्वर) में दोपहर 12:02 बजे होना तय है।
- कुंभ गीत, स्मारक डाक टिकट, कॉफी टेबल बुक और प्राधिकरण की वेबसाइट का शुभारंभ प्रस्तावित।
- 1 नवंबर को राष्ट्रपति कुरुक्षेत्र में हरियाणा की हीरक जयंती समारोह में रहेंगी।
- नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ 2015 में हुआ था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: ध्वजारोहण कहां-कहां होगा?
जवाब: नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर एक साथ।
सवाल: क्या आज से कुंभ स्नान शुरू हो गए?
जवाब: नहीं, ध्वजारोहण सिंहस्थ काल की औपचारिक शुरुआत है। प्रमुख स्नान की तिथियां प्राधिकरण अलग से घोषित करता है।
सवाल: राष्ट्रपति के दौरे की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
जवाब: पीआईबी की विज्ञप्ति में।
स्रोत / Source: PIB (राष्ट्रपति सचिवालय) — https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2330591; News On AIR — newsonair.gov.in; Free Press Journal — freepressjournal.in
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