महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 12 अहम फैसले लिए। सबसे बड़ा फैसला सूखे से प्रभावित किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने का है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने 14 अक्टूबर को की थी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब यह राशि डीबीटी के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। जालना समेत पूरा मराठवाड़ा इस साल कम बारिश की मार झेल रहा है, इसलिए यह फैसला यहां के किसानों के लिए खास मायने रखता है।
सूखा अग्रिम: किसे मिलेगा फायदा
राहत एवं पुनर्वसन विभाग के इस फैसले के अनुसार राज्य के 304 सूखाग्रस्त तालुकों में जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति किसान ₹5,000 की अग्रिम राशि मिलेगी। अनुमान है कि लगभग 1.5 करोड़ किसान इसके दायरे में आएंगे। सरकार ने कहा है कि यह भुगतान दिवाली से पहले किया जाएगा। यह अग्रिम है, यानी नुकसान के पंचनामे के बाद मिलने वाली अंतिम मदद इससे अलग हो सकती है।
किसानों को सलाह है कि अपने बैंक खाते की आधार सीडिंग और ई-केवाईसी समय रहते जांच लें। पैसा न आने पर क्या करें, इसके लिए हमारी गाइड सरकारी योजना का पैसा खाते में नहीं आया? और फसल नुकसान के बाद जरूरी दस्तावेज पढ़ें।
जल संसाधन विभाग में 39,722 पद
मंत्रिमंडल ने जल संसाधन विभाग के नए ढांचे को मंजूरी दी, जिसमें कुल 39,722 पद हैं। फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार इनमें 31,541 नियमित पद हैं और 8,181 पद आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे। 110 नई सिंचाई शाखाएं बनेंगी, जिससे कुल शाखाएं 1,450 हो जाएंगी। सरकार का लक्ष्य सिंचित क्षेत्र को 58 लाख हेक्टेयर तक ले जाना है। नदी-जोड़ परियोजनाओं के लिए अलग मुख्य अभियंता का पद भी बनाया गया है। मराठवाड़ा जैसे कम बारिश वाले इलाके लंबे समय से सिंचाई परियोजनाओं की धीमी रफ्तार की शिकायत करते रहे हैं, इसलिए यह भर्ती यहां के लिए अहम हो सकती है।
मराठवाड़ा से जुड़ा एक और फैसला
लातूर जिले के अहमदपुर तालुके के शिरूर ताजबंद में स्थित श्री मल्हारराव होळकर घुमंतू एवं विमुक्त जाति सहकारी सूत मिल को सरकारी आर्थिक मदद देने का निर्णय भी हुआ। इसके अलावा जिला वार्षिक योजना का 1 प्रतिशत हिस्सा दिव्यांगजनों के कल्याण और पुनर्वास के लिए रखा जाएगा, जिसका लाभ जालना समेत हर जिले को मिलेगा। मातोश्री ग्राम समृद्धि खेत-पांदन सड़क योजना को भी जारी रखने और जिला नियोजन समिति के फंड से काम कराने की अनुमति दी गई।
बाकी प्रमुख फैसले
- पुणे के लोहगांव में भारत मंडपम की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शनी केंद्र बनाने के लिए आरक्षण बदला गया।
- इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत बजाज ऑटो को ₹66.82 करोड़ का प्रोत्साहन।
- चिपी (सिंधुदुर्ग)–नवी मुंबई उड़ान के लिए 100% वायबिलिटी गैप फंडिंग।
- पीपीपी नीति में संशोधन, धुले में एमआईडीसी विस्तार के लिए लगभग 289 हेक्टेयर जमीन।
- जिला परिषद के दो प्रशासनिक कैडर का विलय और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तकनीकी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन।
मुख्य बातें
- 304 सूखाग्रस्त तालुकों के 33% से अधिक फसल नुकसान वाले किसानों को ₹5,000 अग्रिम।
- भुगतान डीबीटी से, दिवाली से पहले; लगभग 1.5 करोड़ किसान लाभार्थी।
- जल संसाधन विभाग में 39,722 पद, 110 नई सिंचाई शाखाएं।
- जिला योजना का 1% दिव्यांग कल्याण के लिए आरक्षित।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या अग्रिम के लिए अलग आवेदन करना होगा?
उत्तर: अभी तक आई जानकारी के अनुसार राशि डीबीटी से सीधे खाते में जाएगी। अपने तलाठी या कृषि सहायक से सूची में नाम की पुष्टि कर लें।
प्रश्न: सूखे की स्थिति पर और क्या कदम उठे हैं?
उत्तर: टैंकर से जलापूर्ति और छात्रों की परीक्षा फीस माफी जैसे कदम भी उठाए गए हैं। पढ़ें: मराठवाड़ा में 441 टैंकरों से जलापूर्ति और 2.40 लाख छात्रों की परीक्षा फीस माफ।
अग्रिम की पहली घोषणा के बारे में आकाशवाणी की रिपोर्ट: सूखा प्रभावित तालुकों में हर किसान को ₹5,000।
स्रोत / Source: रत्नागिरी खबरदार — राज्य मंत्रिमंडळ बैठकीत 12 निर्णय; फ्री प्रेस जर्नल — 39,722 posts for Water Resources Department
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