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जालना में अक्टूबर के अंत तक गर्मी का असर बरकरार, दिवाली के बाद दस्तक दे सकती है ठंड

Thermometer indicating high temperature in a cracked dry desert landscape at sunset
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

मौसम विशेषज्ञ पंडित वासरे का अनुमान, अगले 10 दिनों तक जारी रह सकती है धूप की तपिश; पिछले साल के मुकाबले इस बार ठंड कम पड़ने की संभावना

जालना (प्रतिनिधि). अक्टूबर का महीना समाप्त होने को है, लेकिन जालना जिले में गर्मी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. दिन में तेज धूप और तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं आने से नागरिकों को अब सर्दियों का इंतजार है. हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में अगले लगभग 10 दिनों तक अक्टूबर हीट का प्रभाव बना रह सकता है. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने और हल्की ठंड शुरू होने की संभावना है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अक्टूबर से दिसंबर 2026 के मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार, महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई है. ऐसे में इस वर्ष नवंबर की शुरुआत में कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद कम है.

पिछले साल के मुकाबले कम रह सकती है ठंड

जालना के मौसम विशेषज्ञ पंडित वासरे के अनुसार, इस वर्ष सर्दियों में ठंड की तीव्रता पिछले साल की तुलना में कुछ कम रह सकती है. उनके अनुमान के मुताबिक तापमान में लगभग एक से दो डिग्री सेल्सियस का अंतर देखने को मिल सकता है.

वासरे ने बताया कि अक्टूबर हीट हर साल महसूस होती है और इसका सर्दियों की तीव्रता से सीधा संबंध नहीं है. प्राकृतिक मौसमी चक्र के अनुसार इस वर्ष भी ठंड पड़ेगी, लेकिन उसका असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है.

उत्तर भारत की ठंडी हवाओं से बदलेगा मौसम

जिले में सर्दी की शुरुआत और उसकी तीव्रता काफी हद तक उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं पर निर्भर करेगी. इन हवाओं का प्रभाव बढ़ने पर रात के तापमान में गिरावट आ सकती है. इसके विपरीत, हवाओं का प्रवाह कमजोर रहने पर ठंड की शुरुआत में देरी हो सकती है.

बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती गतिविधियां भी हवा की दिशा, बादलों की स्थिति और स्थानीय तापमान को प्रभावित कर सकती हैं.

कम बारिश के बीच किसानों को ठंड से उम्मीद

इस वर्ष जालना जिले में बारिश की कमी के कारण जलस्रोतों और खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है. ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि तापमान में गिरावट आने से पानी के वाष्पीकरण की रफ्तार कम होगी और मिट्टी में उपलब्ध नमी कुछ अधिक समय तक बनी रह सकेगी.

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार केवल ठंड के भरोसे पानी की बचत संभव नहीं है. इसके लिए ड्रिप सिंचाई, खेतों में आच्छादन और उपलब्ध पानी का उचित नियोजन भी आवश्यक है.

दिवाली के बाद सुबह और रात में महसूस हो सकती है गुलाबी ठंड

मौसम विशेषज्ञ पंडित वासरे का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिन में गर्मी बनी रह सकती है. इसके बाद तापमान में क्रमिक गिरावट के साथ सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने की संभावना है.

फिलहाल जिले में कड़ाके की ठंड कब शुरू होगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है. आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान, हवा की दिशा और मौसम में होने वाले बदलावों से सर्दी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

यह भी पढ़ें: जालना में अक्टूबर की गर्मी पर पूर्वानुमान | भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक मौसम अपडेट


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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