72 हजार से अधिक वेतन पाने वाला उपनिरीक्षक, गरीब ऑटोरिक्शा चालकों से छह सौ की रिश्वत लेते पकड़ा गया
बदनापूर थाना के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक सतीश शशिकांत ढिलपे (53) को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने
छह सौ रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि उनका मासिक वेतन
72,000 रुपये से अधिक होने के बावजूद वे गरीब ऑटोरिक्शा चालकों से हफ्ता वसूल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जालना से बदनापूर तक ऑटोरिक्शा चलाकर रोज़ी-रोटी कमाते हैं।
शुक्रवार को ढिलपे ने बदनापूर स्थित श्रीराम जेनिंग के पास शिकायतकर्ता का रिक्शा रोककर
कार्रवाई न करने के एवज में तीन सौ रुपये मासिक हफ्ता मांगा।
दबाव से क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर
टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता ने अपने और एक साथी चालक की ओर से
कुल छह सौ रुपये ढिलपे को बदनापूर बस स्टैंड पर सौंपे। रकम स्वीकार करते ही
एसीबी ने उपनिरीक्षक को रंगे हाथों दबोच लिया।
तलाशी में एक मोबाइल फोन, चालान करने की सरकारी मशीन, ₹9,500 नकद और रिश्वत के
छह सौ रुपये बरामद हुए। मामला एसीबी द्वारा आगे जांचाधीन है।
“अच्छी-खासी सरकारी तनख्वाह के बावजूद गरीब कामगारों से वसूली—यह स्वीकार्य नहीं।”
अस्वीकरण: वेतन से संबंधित आंकड़ा शिकायत/सूत्रों पर आधारित बताया गया है; अधिकृत पुष्टि मिलते ही अद्यतन किया जाएगा।

