फर्जी स्टॉक दिखाकर एसबीआई से 5.90 करोड़ का ऋण हड़पने का आरोप, व्यापारी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज:
जालना: SBI Loan Fraud Jalna: जालना शहर के नया मोंढा क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसएमई शाखा) से फर्जी स्टॉक दिखाकर लगभग 5 करोड़ 90 लाख रुपये का ऋण प्राप्त करने और उसकी अदायगी न करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण में व्यापारी संजय मनोहर शिंगारे के खिलाफ चंदनझिरा पुलिस थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बैंक के शाखा प्रबंधक प्रथमेश अनिलराव मुंधे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 29 सितंबर 2022 को आरोपी को कैश क्रेडिट (Cash Credit) सुविधा के तहत 5.90 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया था। बैंक नियमों के अनुसार उधारकर्ता को नियमित रूप से स्टॉक स्टेटमेंट जमा करना अनिवार्य था, लेकिन अप्रैल 2024 के बाद आरोपी ने स्टॉक विवरण देना बंद कर दिया, जिससे बैंक को संदेह हुआ।
बैंक द्वारा कई बार संपर्क करने और नोटिस भेजने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर गिरवी रखे गए माल की वास्तविकता पर सवाल उठने लगे। इसके बाद 29 जून 2024 को ऋण खाता थकित घोषित (NPA) होने पर बैंक ने वसूली प्रक्रिया शुरू करते हुए मामला छत्रपति संभाजीनगर स्थित ऋण वसूली अधिकरण (DRT) में दाखिल किया।
न्यायालय के आदेश पर नियुक्त कोर्ट कमिश्नर एडवोकेट सुरज एस. कासार ने संबंधित गोदाम का निरीक्षण किया, जहां गिरवी के रूप में दिखाया गया कोई भी स्टॉक मौजूद नहीं मिला। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने फर्जी स्टॉक स्टेटमेंट के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त कर बैंक को गुमराह किया।
इस आधार पर चंदनझिरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है। SBI Loan Fraud Jalna:
मामले की मुख्य बातें (Key Points)
- जालना के नया मोंढा क्षेत्र की एसबीआई एसएमई शाखा से लिया गया था ऋण
- आरोपी पर 5.90 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट लोन लेकर अदायगी न करने का आरोप
- अप्रैल 2024 के बाद आरोपी ने स्टॉक स्टेटमेंट जमा करना बंद किया
- खाता थकित होने पर बैंक ने ऋण वसूली अधिकरण (DRT) का सहारा लिया
- कोर्ट कमिश्नर द्वारा निरीक्षण में गोदाम में कोई स्टॉक नहीं मिला
- आरोपी पर फर्जी स्टॉक दिखाकर बैंक को गुमराह करने का आरोप
- चंदनझिरा पुलिस थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज
संबंधित जानकारी पढ़ें:
- भारतीय स्टेट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट:
https://sbi.co.in - ऋण वसूली अधिकरण (DRT) की जानकारी:
https://drt.gov.in - साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी:
https://www.rbi.org.in
बैंक धोखाधड़ी कैसे होती है?
विशेषज्ञों के अनुसार बैंक धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर फर्जी स्टॉक स्टेटमेंट, नकली दस्तावेज या गलत वित्तीय जानकारी के आधार पर ऋण प्राप्त किया जाता है। बाद में ऋण की अदायगी न होने पर बैंक को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार व्यवसायिक ऋण में स्टॉक सत्यापन और नियमित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है। नियमों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: आरोपी पर क्या आरोप है?
आरोपी पर फर्जी स्टॉक दिखाकर एसबीआई से लगभग 5.90 करोड़ रुपये का ऋण लेने और उसकी अदायगी न करने का आरोप है।
प्रश्न 2: मामला कहां दर्ज हुआ है?
यह मामला जालना के चंदनझिरा पुलिस थाने में दर्ज किया गया है।
प्रश्न 3: बैंक को धोखाधड़ी का पता कैसे चला?
स्टॉक स्टेटमेंट जमा न होने और कोर्ट कमिश्नर द्वारा गोदाम निरीक्षण के दौरान स्टॉक नहीं मिलने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
प्रश्न 4: आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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