अट्टल घरफोड़ चोर गिरफ्तार: संभाजीनगर, लातूर और जालना में कर चुका है वारदातें
छत्रपती संभाजीनगर, 5 अगस्त 2025: छत्रपती संभाजीनगर ग्रामीण की स्थानिक गुन्हे शाखा ने एक शातिर और अट्टल घरफोड़ चोर को गिरफ्तार किया है, जो लातूर, जालना सहित कई जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
दिनांक 31 मार्च 2025 को फुलंब्री थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग चोरी की घटनाएं दर्ज की गई थीं। पहली शिकायत संतोष पांडुरंग फुले (उम्र 34, निवासी चौका, घाटी होटल प्राची के सामने) ने दी, जिनके अनुसार 30 मार्च की रात से 31 मार्च की सुबह के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर अलमारी से सोने-चांदी के जेवर और नकद राशि चुरा ली। इस संबंध में अपराध क्रमांक 174/2025, धारा 331(4), 305 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरी घटना में एकनाथ कचरु पवार (उम्र 42, निवासी मुर्शीदाबादवाड़ी) ने शिकायत की कि 31 मार्च की रात एक बजे के करीब उनके घर का ताला तोड़कर नकद राशि चोरी की गई। इस पर अपराध क्रमांक 173/2025, धारा 331(4), 305 BNS के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस निरीक्षक विजयसिंह राजपूत के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक पवन इंगले और उनकी टीम ने धुले-सोलापुर हाईवे पर आडगांव क्षेत्र के एक उड्डानपुल पर सटीक सर्च ऑपरेशन चलाकर संदिग्ध आरोपी बालूसिंह अमरसिंह टाक (उम्र 28, निवासी तिर्थपुरी, तहसील घनसांवगी, जिला जालना) को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी के साथ गणोरी गांव से एक मोटरसाइकिल (हीरो सीडी डीलक्स) चोरी कर चोरी की घटनाएं अंजाम दीं। आरोपी ने चौका स्थित घाटी होटल प्राची के सामने और मुर्शीदाबादवाड़ी क्षेत्र में घरों में सेंधमारी कर चोरी की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का माल भी बरामद कर लिया है।
बालूसिंह टाक के खिलाफ लातूर और जालना जिलों में पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फुलंब्री थाने को सौंप दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. विनायक कुमार राठौड़ और अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती अन्नपूर्णा सिंह के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का संचालन पुलिस निरीक्षक विजयसिंह राजपूत, सहायक पुलिस निरीक्षक पवन इंगले, पुलिस कर्मचारी वाल्मिक निकम, शिवानंद बनगे, अशोक वाघ, अनिल काले, महेश बिरुटे, चालक संजय तांदले, योगेश तरमाले और जीवन घोलप ने किया।

