जालना, 2 नवंबर 2026 — जालना के पुराने रेलवे ओवरब्रिज पर लगातार हो रहे हादसों ने इसकी बनावट और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुराने जालना में शनि मंदिर के पास स्थित रेलवे ओवरब्रिज से शनिवार देर रात एक भारी ट्रक नीचे सड़क पर जा गिरा. इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई. इस घटना ने करीब 30 साल पुराने पुल की सुरक्षा और रखरखाव पर नई बहस छेड़ दी है.

इस पुल पर पहले भी एक बड़ा हादसा हो चुका है, जब लोहे की सरियों से लदा एक वाहन पुल से नीचे गिर गया था. इसके बावजूद अब तक किए गए सुरक्षा उपाय कितने कारगर रहे, यह सवाल फिर सामने आ गया है.
एक नजर में
- जगह: पुराना जालना, शनि मंदिर के पास रेलवे ओवरब्रिज
- कब: शनिवार देर रात
- क्या हुआ: भारी ट्रक पुल से नीचे सड़क पर गिरा, दो की मौत
- पुल करीब 30 साल पुराना, पहले भी सरियों से लदा वाहन गिर चुका
- मांग: पुल का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट
निर्माण के समय से विवादों में रहा जालना रेलवे ओवरब्रिज
करीब तीन दशक पहले बना यह रेलवे ओवरब्रिज अपने निर्माण से पहले से ही विवादों में रहा है. पुल की बनावट और यातायात व्यवस्था को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं.
खास तौर पर पुल के दोनों ओर की लंबाई, सड़क के मोड़ और वाहनों के आने-जाने की व्यवस्था की तकनीकी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है. सवाल यह भी है कि पुल की मूल योजना बनाते समय भारी वाहनों की आवाजाही, सड़क की चौड़ाई और हादसों की आशंका को कितना ध्यान में रखा गया था.
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मरम्मत हुई, लेकिन सुरक्षा का क्या?
समय-समय पर पुल की मरम्मत और रखरखाव होने के बावजूद हादसों का सिलसिला चिंता का विषय बना हुआ है. सवाल यह है कि क्या सिर्फ मरम्मत काफी है, या पुल की पूरी संरचना और यातायात व्यवस्था की नए सिरे से जांच जरूरी है.
पुल पर सुरक्षा दीवारों और रेलिंग की मजबूती, खतरनाक मोड़, संकेत बोर्ड, रोशनी और भारी वाहनों के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों की तकनीकी जांच की मांग उठ रही है.
दो मौतों के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग
शनिवार रात का हादसा किन हालात में हुआ, ट्रक पुल से नीचे कैसे गिरा और इसमें चालक की गलती, सड़क की हालत या सुरक्षा व्यवस्था की किसी कमी की भूमिका थी या नहीं, यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा.
संबंधित विभागों से पुल का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की जा रही है. अगर निर्माण, रखरखाव या यातायात प्रबंधन में कोई खामी सामने आती है, तो उसे दूर करने के साथ जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर और कितने हादसों के बाद इस रेलवे ओवरब्रिज की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाएगा. दो लोगों की जान जाने के बाद सिर्फ औपचारिक जांच नहीं, बल्कि आगे ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय जरूरी हैं.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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