जालना, 24 सितंबर। जालना की उन बेटियों के लिए विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का रास्ता खुल रहा है, जो आसमान में उड़ान भरने का सपना देखती हैं। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल की पहल पर आयोजित ‘गिव्हिंग विंग्ज टू फ्लाय’ विशेष कार्यशाला में जिले के अलग-अलग महाविद्यालयों की 250 से ज्यादा छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
यह पहल IndiGoReach के सीएसआर कार्यक्रम के तहत BharatCares के माध्यम से संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में रुचि रखने वाली युवतियों को कमर्शियल पायलट के करियर की जानकारी, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसरों से परिचित कराना है।
250 से ज्यादा छात्राओं ने लिया हिस्सा
जिलाधिकारी कार्यालय के जिला नियोजन सभागृह में हुई कार्यशाला में छात्राओं को विमानन क्षेत्र में करियर के अलग-अलग विकल्पों के बारे में बताया गया। खास तौर पर कमर्शियल पायलट बनने के लिए जरूरी योग्यता, प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया और भविष्य के करियर अवसरों पर जानकारी दी गई।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णकांत कनवारिया और अपर जिलाधिकारी रमेश मिसाल की मौजूदगी में हुआ। छात्राओं से कहा गया कि करियर चुनते समय सिर्फ पारंपरिक विकल्पों तक सीमित न रहें, बल्कि विमानन जैसे नए और तकनीकी क्षेत्रों में भी उपलब्ध अवसरों को समझें।
कमर्शियल पायलट बनने की प्रक्रिया समझाई
भारत केअर्स के कार्यक्रम समन्वयक कल्पेश मोहोद और मास्टर ट्रेनर रुपेश गाडेकर ने छात्राओं को कमर्शियल पायलट बनने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पात्रता, चयन, प्रशिक्षण और आगे मिलने वाले करियर विकल्पों के बारे में जानकारी दी।
सत्र के दौरान छात्राओं ने पायलट प्रशिक्षण, पढ़ाई, पात्रता और विमानन क्षेत्र में नौकरी के अवसरों से जुड़े सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों ने सवालों के जवाब देकर छात्राओं की शंकाएं दूर कीं।
कैप्टन गार्गी गिरी ने साझा किया अपना अनुभव
जालना के बारवाले कॉलेज की कैप्टन गार्गी गिरी ने छात्राओं से बातचीत की। गिरी ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण पूरा किया है। उन्होंने अपने पायलट बनने के सफर, प्रशिक्षण के दौरान सामने आई चुनौतियों और लक्ष्य हासिल करने के लिए की गई मेहनत के बारे में बताया।
उनके अनुभव ने छात्राओं को यह समझने में मदद की कि विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सही दिशा, लगातार मेहनत और प्रशिक्षण कितने महत्वपूर्ण हैं।
शिक्षा विभाग और फेलोज ने किया सहयोग
कार्यक्रम के आयोजन में जिला परिषद के शिक्षा विभाग की अहम भूमिका रही। शिक्षणाधिकारी (माध्यमिक) बाळासाहेब खरात, शिक्षण विस्तार अधिकारी विनया वडजे, समन्वयक सुनील ढाकरके और तंत्रस्नेही सोरटी ने कार्यक्रम के नियोजन में सहयोग किया।
इसके अलावा कलेक्टर थिंक टैंक फेलो सुप्रविण पाखरे, मुख्यमंत्री फेलो सिमरन जैस्वाल और मुख्यमंत्री फेलो तनया सावंत ने आयोजन और समन्वय में सहयोग दिया।
30 सितंबर तक दूसरे बैच के लिए पंजीकरण
पहली कार्यशाला को मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए ‘गिव्हिंग विंग्ज टू फ्लाय’ के दूसरे बैच के लिए पंजीकरण का अवसर दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार पात्र छात्राएं 30 सितंबर 2026 तक इस अवसर से जुड़ सकती हैं। आवेदन और पात्रता से संबंधित ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक कार्यक्रम स्रोत को देखना जरूरी है।
कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी: BharatCares – Giving Wings to Fly | IndiGoReach CSR | DGCA Pariksha पोर्टल
यह खबर भी पढ़ें
- कुपोषणमुक्त जालना मिशन: सभी विभाग मिलकर करें समन्वित प्रयास
- जालना शहर की प्रमुख सड़कों और चौकों के विकास की तैयारी
- जालना में जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने उत्कृष्ट रेस्टॉरेंट संचालकों का किया सम्मान
स्रोत: जालना जिला प्रशासन की जानकारी और कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक स्रोत। कार्यक्रम की पात्रता, आवेदन और अंतिम तिथियों में बदलाव की स्थिति में आधिकारिक पोर्टल की जानकारी को प्राथमिकता दें।





