जालना महानगरपालिका के आयुक्त संतोष महादेव खांडेकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार शाम ₹10 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार दोपहर उन्हें जालना न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें फिलहाल 1 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।

केंद्र क्या है?

जांच में पता चला है कि वाल्मीकनगर से गांधी नगर तक डीपी रोड से रिंग रोड के बीच किए गए सड़क निर्माण तथा महानगरपालिका की अन्य निर्माण योजनाओं के बिल पास कराने के बदले आयुक्त ने ठेकेदार से रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने पर एसीबी ने गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे आयुक्त के सरकारी निवास पर सापळा (ट्रैप) रचा और पहली किस्त लेते ही उन्हें दबोच लिया।

एसीबी की कार्रवाई और तलाशी

गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने आयुक्त के सरकारी आवास और उनके मूल गांव हणमंतगांव (ता. सांगोला) में स्थित संपत्ति पर छापेमारी की। एसीबी अधीक्षक बी.एस. जाधवर के अनुसार तलाशी जारी है और बरामदगी की विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी।

आफिस से घर—कैसे हुई डील?

सूत्रों ने बताया कि खांडेकर गुरुवार को शाम तक कार्यालय में बैठकें कर रहे थे और बाद में घर लौटे। कुछ फाइलें हस्ताक्षर के लिए घर पर भेजी गईं—इसी दौरान ठेकेदार द्वारा राशि सौंपी गई और एसीबी ने कार्रवाई कर ली।

स्थानीय प्रतिक्रिया

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही स्थानीय नागरिकों, पूर्व नगरसेवकों और ठेकेदारों की भारी भीड़ एसीबी कार्यालय के बाहर जमा हो गई। कई लोगों ने पटाखे फोड़कर कार्रवाई का स्वागत किया और सामाजिक मंचों पर इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक कदम बताया।

पृष्ठभूमि

संतोष खांडेकर पहले 2016–2019 में नगर परिषद के मुख्याधिकारी रहे और जून 2022 में पुनः महानगरपालिका आयुक्त के पद पर नियुक्त हुए थे। उनके कार्यकाल में ठेकेदारों के साथ गतिरोध और विवाद भी मीडिया में आए थे।

आगे की कार्यवाही

एसीबी ने बताया है कि वे अब आयुक्त के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्तियों की जाँच विस्तार से करेंगे और आवश्यकतानुसार रिमांड बढ़ाने की मांग करेंगे। अगली सुनवाई की तारीख अदालत के नोटिस के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.