मालेगांव में रूहानियत और इल्म का ऐतिहासिक संगम, तीन दिवसीय इज्तेमा में 11 किताबों का होगा विमोचन

(जालना): मालेगांव की सरज़मीं एक बार फिर इल्म, अदब और रूहानियत की खुशबू से महकने जा रही है। खानकाह रहमानिया की जानिब से 27 जनवरी से 29 जनवरी तक एक ख़ास और बेमिसाल इज्तेमा का आयोजन किया जा रहा है, जो न सिर्फ़ दीनी और इल्मी हल्क़ों के लिए बल्कि आम अवाम के लिए भी एक यादगार लम्हा साबित होने वाला है। मालेगांव इज्तेमा 11 किताबों का विमोचन,
इस मुक़द्दस इज्तेमा के दौरान शैख़-ए-तरीक़त हज़रत मौलाना मोहम्मद उमरैन महफूज़ रहमानी द्वारा तहरीर की गई 11 अहम और क़ीमती किताबों का विमोचन किया जाएगा। ये किताबें सालों की मेहनत, गहरी तालीम, तजुर्बे और रिसर्च का नतीजा हैं, जिनमें इल्म, अदब और इस्लाही पैग़ाम को बड़ी सादगी और असर के साथ पेश किया गया है।

खानकाह रहमानिया के सज्जादानशीन हज़रत मौलाना उमरैन महफूज़ रहमानी की यह इल्मी कोशिश महज़ किताबों की पेशकश नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों के लिए एक अमानत है। आयोजकों का कहना है कि यह इज्तेमा इल्म-ओ-अदब की उस रिवायत को आगे बढ़ाएगा, जिसने हमेशा समाज को सही राह दिखाई है और इंसानियत को जोड़ने का काम किया है।
जालना से भी उमड़ेगा इश्क़-ए-इल्म का क़ाफ़िला
इस सिलसिले में जालना के मौलाना आरिफ़ रहमानी ने बताया कि इस इज्तेमा में मुल्क के मुख़्तलिफ़ हिस्सों से उलेमा-ए-किराम, मशाइख़ और इल्म-दोस्त शख़्सियतें शिरकत करेंगी। उन्होंने कहा कि जालना से भी बड़ी तादाद में लोग इस इज्तेमा में शामिल होने के लिए मालेगांव रवाना होंगे।
मौलाना आरिफ़ रहमानी ने जालना शहर और ज़िले के तमाम लोगों से दिली अपील की है कि वे इस मौक़े को हाथ से न जाने दें और मालेगांव पहुंचकर इस ऐतिहासिक, इल्मी और रूहानी महफ़िल में शिरकत करें, ताकि दिलों को सुकून और ज़ेहन को रोशनी मिल सके।
तीन दिन तक चलने वाला यह इज्तेमा इल्म, अदब और रूहानियत का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो न सिर्फ़ आज की नस्ल बल्कि आने वाले वक़्त के लिए भी रहनुमाई का सबब बनेगा। मालेगांव की यह महफ़िल यक़ीनन इतिहास के पन्नों में एक ख़ास मुक़ाम हासिल करेगी। मालेगांव इज्तेमा 11 किताबों का विमोचन,









